Tagged: Indian Freedom Movement

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जब केशवराव पहुँचे क्रांति की भूमि कलकत्ता

प्रसन्नचित्त से केशवराव कलकत्ता पहुँचे। कलकत्ता उनकी दृष्टि में केवल महानगरी नहीं थी। वह आत्मबलिदान की वेदी थी। वहाँ के युवक मातृभूमि को विदेशी शासन से...

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने पूरे देश को अचंभित और आनंदित किया है। 0

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने पूरे देश को अचंभित और आनंदित किया है।

दिसंबर 2025 और फरवरी 2026 में मुझे बंगाल जाने का अवसर मिला था। वहाँ अधिकांश लोग परिवर्तन की इच्छा तो रखते थे, किंतु यह परिवर्तन वास्तव...

वीर सावरकर कृत ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’ पुस्तक का इतिहास 0

वीर सावरकर कृत ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’ पुस्तक का इतिहास

कहते हैं 1857 की क्रांति विफल हुई। क्या यह कहना सही है? नहीं! 1857 का महासंग्राम उसके बाद की पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए सतत...