लखनऊ
भगवान हनुमान और लक्ष्मण की इस ऐतिहासिक नगरी में जेठ माह के प्रत्येक मंगलवार (बडे मंगल) को होने वाले भंडारों की परंपरा अनूठी और अटूट है। इस वर्ष जेठ मास में अधिमास होने के कारण कुल 8 मंगलवार का विशेष योग बन रहा है। इस पावन अवसर पर शहर की सुव्यवस्था और मयाषदा को बनाए रखने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एक साथ मिलकर ‘हरित और स्वच्छ भंडारा’ अभियान का आह्वान किया है।
श्रद्धालुओं से विशेष अपील:
इस अभियान के माध्यम से सभी भक्तों और श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन किया गया है कि:
• कूडा साथ न लाएं: भंडारा स्थल पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक सामग्री या गंदगी साथ न लाएं।
• खुले में न फेंकें: यदि आपके पास कोई कूडा है, तो उसे सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर बिल्कुल न फेंकें।
• डस्टबिन ही प्रयोग करें: कचरे को केवल निर्धारित डस्टबिन (कूड़ेदान) में ही डालें ताकि शहर की स्वच्छता बनी रहे।
भंडारा आयोजकों के लिए सहयोग और दिशा-निर्देश:
विभिन्न संगठनों के समन्वय से इस बार आयोजकों को विशेष सुविधाएँ दी जा रही हैं:
1. स्टील के बर्तनों का उपयोग: पर्यावरण को बचाने के लिए संगठनों द्वारा स्टील की थाली और गिलास उपलब्ध कराए जाएंगे। आयोजक पॉलीथिन और डिस्पोजेबल का त्याग करें।
2. स्वयंसेवक (Volunteers): व्यवस्था संभालने और सफाई सुनिश्चित करने के लिए वालनटियर्स की टीम सहयोग करेगी।
3. नगर निगम पंजीकरण: व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सभी आयोजक लखनऊ नगर निगम में अपना पंजीकरण अवश्य कराएं।
4. डस्टबिन की अनिवार्यता: प्रत्येक भंडारा स्थल पर पर्याप्त डस्टबिन रखे जाएं।
साझा संदेश: “सेवा और भक्त का असली स्वरूप स्वच्छता में ही निहित है। आइए, हनुमान जी और लक्ष्मण जी की इस नगरी को स्वच्छ रखकर एक आदर्श उदाहरण पेश करें और इन 8 मंगलों को ‘शून्य कचरा’ (Zero Waste) उत्सव के रूप में मनाएं।”