हमारे आचरण से किसी भी जीव को कष्ट नहीं पहुँचना चाहिए : क्षेत्र कार्यवाह

हमारे आचरण से किसी भी जीव को कष्ट नहीं पहुँचना चाहिए : क्षेत्र कार्यवाह

लखनऊ : राजभवन परिसर में आयोजित “विश्व णमोकार महामंत्र दिवस” कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाहक डॉ. वीरेंद्र जायसवाल ने अपने प्रेरक संबोधन में मानव जीवन में करुणा, त्याग और अहिंसा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने महावीर स्वामी के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन त्याग, साधना और मध्यम मार्ग का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी समस्त मानवता को दिशा प्रदान करता है।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के मन, वचन और कर्म में शुद्धता होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे आचरण से किसी भी जीव को कष्ट नहीं पहुँचना चाहिए और यही सच्चे अर्थों में धर्म का पालन है। उन्होंने बताया कि जीवन में प्रेम, करुणा और अहिंसा को अपनाकर ही हम समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व के अनेक हिस्सों में तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में भारतीय संस्कृति के मूल्यों को अपनाना और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है। करुणा और सह-अस्तित्व की भावना ही विश्व शांति का आधार बन सकती है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग अपने दैनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाएं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें। उन्होंने कहा कि सच्ची मानवता तभी संभव है जब हम अपने व्यवहार में संवेदनशीलता और सहानुभूति को स्थान दें।

इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना जी के साथ ही विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप किया गया, जिसके माध्यम से विश्व शांति और मानव कल्याण का संदेश दिया गया।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *