राष्ट्र जागरण में पूरे समाज की भागीदारी जरूरी : स्वान्त रंजन जी
राष्ट्र जागरण में पूरे समाज की भागीदारी जरूरी : स्वान्त रंजन जी

राष्ट्र जागरण में पूरे समाज की भागीदारी जरूरी : स्वान्त रंजन जी

प्रयागराज, 7 जून।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन ने देशवासियों से आतंकवाद, अर्बन नक्सलवाद, मतांतरण और बाजारवाद जैसी चुनौतियों का सामूहिक रूप से मुकाबला करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को विकासशील से विकसित राष्ट्र बनाने के लिए पूरे समाज को संघ के साथ मिलकर इन चार बड़ी चुनौतियों से निपटना होगा।

स्वान्त रंजन शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी प्रांत द्वारा गौहनिया स्थित वात्सल्य परिसर में आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) एवं प्रांत घोष वर्ग के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

अपने दीक्षांत उद्बोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से हिंदू समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इस दौरान संघ को उपेक्षा और उपहास का सामना भी करना पड़ा, लेकिन आज समाज में संघ की स्वीकार्यता बढ़ी है। इसके बावजूद अभी और अधिक परिश्रम तथा व्यापक सामाजिक सहभागिता की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भारत एक प्राचीन राष्ट्र और हिंदू राष्ट्र है। इसकी रक्षा के लिए हिंदू समाज ने सदियों तक संघर्ष किया है। आर्यों के बाहर से आकर भारत में बसने की अवधारणा को उन्होंने मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि यह एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है, जिससे देशवासियों को सावधान रहने की आवश्यकता है।

स्वान्त रंजन ने कहा कि संघ पंच परिवर्तन के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे जहां हैं, वहीं से राष्ट्र निर्माण के इस अभियान में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि यदि भारत को परम वैभव के शिखर तक पहुंचाना है तो सभी देशवासियों को तन, मन और धन से इस कार्य में जुटना होगा।

उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं के निर्माण के उद्देश्य से देशभर में वर्तमान में 98 संघ शिक्षा वर्ग संचालित हो रहे हैं। इन वर्गों में शारीरिक एवं बौद्धिक प्रशिक्षण के माध्यम से स्वयंसेवकों को एक प्रामाणिक और समर्पित कार्यकर्ता के रूप में तैयार किया जाता है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में संघ कार्य को आगे बढ़ाते हैं।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए यूनाइटेड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ. जगदीश गुलाटी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे समाज को जोड़ने का कार्य कर रहा है। सामाजिक समरसता के लिए संघ द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त स्वयंसेवकों से आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संघ प्रार्थना तथा शिक्षार्थियों द्वारा ध्वज की मान-वंदना एवं प्रदक्षिणा से हुआ। इसके बाद शिक्षार्थियों ने दंड, पद विन्यास, यष्टि, नियुद्ध, दंड व्यायाम योग, व्यायाम योग एवं आसनों का आकर्षक प्रदर्शन प्रस्तुत किया।

शताब्दी वर्ष के प्रतीक ‘100’ पर आधारित व्यूह रचना आकर्षण का केंद्र

घोष वर्ग के प्रशिक्षणार्थियों ने भारतीय रागों पर आधारित रचनाओं का वादन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रदर्शन के दौरान संघ के शताब्दी वर्ष के प्रतीक ‘100’ पर आधारित विशेष व्यूह रचना प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही स्वस्तिक, शंख में किरण, वेणु में स्वर पाठ तथा व्यायाम योग के दौरान कावेरी, ध्वजारोपणम और ध्वजावतरण जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें भारतीय संगीत एवं परंपरा से परिचित कराया।

मंच पर प्रांत संघ चालक अंगराज जी, सर्वाधिकारी गौतम सिंह, प्रांत प्रचारक रमेश जी, वर्ग पालक सुनील जी, प्रचारक प्रमुख रामचंद्र जी, मुख्य शिक्षक कौशल जी, प्रांत कार्यवाह मुरलीपाल, सहकार्यवाह डॉ. राकेश जी, प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. मुरार त्रिपाठी, बौद्धिक प्रमुख डॉ. कुलदीप जी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

वर्ग कार्यवाह डॉ. संजय जी ने अतिथियों का परिचय एवं वृत्त निवेदन प्रस्तुत किया, जबकि सर्वव्यवस्था प्रमुख आशीष जी ने आभार ज्ञापित किया। समारोह में विधायक पीयूष रंजन, हर्षवर्धन बाजपेयी, राजमणि कोल, दीपक पटेल, पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, माताएं एवं बहनें उपस्थित रहीं।

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