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राजा हो कर देश की समस्याएं नहीं सुलझा सकता कोई: नाना जी देशमुख

राजा हो कर देश की समस्याएं नहीं सुलझा सकता कोई: नाना जी देशमुख

दयानंद पांडेय नाना जी देशमुख अब नहीं है। पर मेरा मानना है कि अगर देश में दस-बीस नाना जी देशमुख भी हो जाएं तो देश की सूरत और सीरत दोनों बदल जाएगी। नाना जी ने सत्ता और राजनीति का शहद चखने के बाद वनवासी जीवन चुना। एक समय वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य थे।…

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संघ गीतों के शब्दों में निहित देशभक्ति की भावना अधिक महत्वपूर्ण – डॉ. मोहन भागवत जी

संघ गीतों के शब्दों में निहित देशभक्ति की भावना अधिक महत्वपूर्ण – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, 28 सितंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सुर, लय और ताल में समझौता हो सकता है, लेकिन संघगीत में निहित देशभक्ति की भावना अधिक महत्वपूर्ण है और इससे समझौता नहीं किया जा सकता। संघ के सामान्य स्वयंसेवकों द्वारा गाए जाने वाले गीतों में निहित यही देशभक्ति की…

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हमारे मन्दिर अर्न्तचेतना जागृति के केन्द्र हैं : श्री दत्तात्रेय होसबाले जी

हमारे मन्दिर अर्न्तचेतना जागृति के केन्द्र हैं : श्री दत्तात्रेय होसबाले जी

बाराबंकी के बरेठी में नारायण सेवा संस्थान के लक्ष्मी नारायण मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि, मन्दिर मात्र पुण्य कमाने अर्थात माँगने के स्थान नहीं बल्कि अर्न्तचेतना जागृति के केन्द्र हैं। मन्दिर मनुष्य के अंदर की चेतना को जागृत रखने…

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देशभक्ति और देवभक्ति अलग-अलग नहीं – डॉ. मोहन भागवत जी

देशभक्ति और देवभक्ति अलग-अलग नहीं – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, १० सितम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देवभक्ति और देशभक्ति, यह दो शब्द भले ही अलग दिखते हों, लेकिन हमारे देश में यह शब्द अलग नहीं है। जो वास्तविक देवभक्ति करेगा, वह देश की भी भक्ति करेगा। और जो प्रामाणिकता से देशभक्ति करेगा, उससे भगवान देवभक्ति भी…

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संघ शताब्दी वर्ष – सौ साल और संघ की छवि

संघ शताब्दी वर्ष – सौ साल और संघ की छवि

बलबीर पुंज गत दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय व्याख्यानमाला का आयोजन हुआ। देश-विदेश से आए सैकड़ों गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने पहले दो दिनों में संघ की भूमिका, इतिहास और उद्देश्य पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। तीसरे दिन लगभग ढाई घंटे तक…

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ध्वस्त होता संघ के विरुद्ध झूठा नैरेटिव

ध्वस्त होता संघ के विरुद्ध झूठा नैरेटिव

देश में एक सुनियोजित नैरेटिव के जरिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तो निशाने पर रहा, लेकिन कम्युनिस्टों की कारगुजारियों को व्यापक रूप से अनदेखा किया गया। यह भी एक संयोग है कि, संघ की स्थापना और कम्युनिस्ट पार्टी का गठन 1925 में ही हुआ था। जहां संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बनकर निरंतर मजबूत…

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भारतीय कृषि पद्धति और देशी गोवंश पालन से आत्मनिर्भरता हासिल होगी – डॉ. मोहन भागवत जी

भारतीय कृषि पद्धति और देशी गोवंश पालन से आत्मनिर्भरता हासिल होगी – डॉ. मोहन भागवत जी

छत्रपति संभाजीनगर, 23 अगस्त 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारतीय खेती में आधुनिक तकनीक का उचित उपयोग करने के साथ ही पशुपालन सहित मिश्र कृषि अपनाने से किसानों को अधिक लाभ होगा। वैश्विक स्तर पर मौजूद अनिश्चितताओं और चुनौतियों को देखते हुए कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर विशेष पंच परिवर्तन से बदल जाएगा समाज का चेहरा-मोहरा

प्रो. संजय द्विवेदी नागरिक कर्तव्यबोध से नवचेतन का संचार किसी भी राष्ट्र और लोकतंत्र की सफलता उसके नागरिकों की सहभागिता और कर्तव्यबोध से ही सार्थक होती है। एक जीवंत लोकतंत्र की गारंटी उसकी नागरिक चेतना ही है। कानूनों की अधिकता और उसे न मानने का मानस दोनों साथ-साथ चलते हैं। अपनी माटी के प्रति प्रेम,…

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