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हिन्दू संस्कृति ने सदैव विश्व को सत्य, उदारता और अहिंसा का मार्ग दिखाया है – रामलाल जी

हिन्दू संस्कृति ने सदैव विश्व को सत्य, उदारता और अहिंसा का मार्ग दिखाया है – रामलाल जी

कानपुर। कानपुर दक्षिण जिले के माधव नगर स्थित हरदेव नगर (कर्रही) बस्ती में आयोजित ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी ने कहा कि हिन्दू संस्कृति ने सदैव विश्व को सत्य, उदारता और अहिंसा का मार्ग दिखाया है। जब तक हम अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास…

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संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पर आधारित है – डॉ. मोहन भागवत जी

संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पर आधारित है – डॉ. मोहन भागवत जी

गोरखपुर, 15 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत की ओर से तारामंडल स्थित बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पद्धति से ही विकसित हुई है। आज समाज में…

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सामाजिक समरसता के लिए सेवा

सामाजिक समरसता के लिए सेवा

सामाजिक समरसता के संदर्भ में सेवाकार्य का योगदान अनन्य साधारण है। समाज में कई प्रकार के सेवा के कार्य चलते रहते हैं। उनकी प्रेरणा भी भिन्न-भिन्न प्रकार की रहती है। अनेक सेवाकार्य पुण्य संचय के हेतु से होते हैं। किसी सेवा कार्य की प्रेरणा भूतदया होती है। कई लोग प्रसिद्धि पाने के लिए सेवा कार्य…

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श्री गुरुजी का सामाजिक दर्शन – अस्पृश्यता का उपचार

श्री गुरुजी का सामाजिक दर्शन – अस्पृश्यता का उपचार

अस्पृश्यता रोग की जड़ जन सामान्य के इस विश्वास में निहित है कि यह धर्म का अंग है और इसका उल्लंघन महापाप होगा। यह विकृत धारणा ही वह मूल कारण है, जिससे शताब्दियों से अनेक समाज- सुधारकों, धर्माचार्यों के समर्पित प्रयासों के बाद भी यह घातक परम्परा जनसामान्य के मन में आज भी घर किए…

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श्री गुरुजी का आर्थिक चिंतन : पश्चिमी राष्ट्रों का लक्ष्य केवल भौतिक सुख

श्री गुरुजी का आर्थिक चिंतन : पश्चिमी राष्ट्रों का लक्ष्य केवल भौतिक सुख

मनुष्य जीवन का लक्ष्य क्या है? अथवा मनुष्य अपने सामने जीवन का लक्ष्य कौन सा रखे? इस बारे में लगभग सभी लोगों का मत है कि सुख ही मनुष्य जीवन का लक्ष्य है। परंतु, प्रश्न यह है कि सुख से आशय क्या है और मनुष्य को यह सुख कैसे मिल सकता है? इस सम्बन्ध में…

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गुणवत्तापूर्ण समाज से ही राष्ट्र बलशाली बनता है - डॉ. मोहन भागवत जी

गुणवत्तापूर्ण समाज से ही राष्ट्र बलशाली बनता है – डॉ. मोहन भागवत जी

जऊलके (ता. दिंडोरी, जि. नासिक), 10 फरवरी। जऊलके स्थित आर्मस्ट्रांग रोबोटिक्स एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में आयोजित शिक्षा संस्थानों के प्रमुखों से स्नेह संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि “एक संवेदशील मनुष्य के निर्माण की प्रक्रिया में शिक्षा की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण होती है। गुणवत्तापूर्ण समाज…

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धर्म के आचरण से ही मानव जाति का कल्याण संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

धर्म के आचरण से ही मानव जाति का कल्याण संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

चांदवड तहसील के ‘णमोकार’ में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव; विविधता में एकता ही भारत की शक्ति मलसाणे (णमोकार) जिला नासिक, १० फरवरी। मलसाणे (तहसील चांदवड) स्थित ‘णमोकार’ तीर्थक्षेत्र में आयोजित दिगंबर जैन पंथ के अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि “धर्म का मार्ग छोड़कर भौतिकवाद…

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समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

                मुंबई, 07 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित व्याख्यानमाला में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ समाजरूप संगठन खड़ा करना चाहता है। समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन आएगा। नेता–नारा–नीति–पार्टी–अवतार–सरकार–विचार–तत्वज्ञान ये सभी बातें सहायक हैं, समाज इन सभी का मालिक है। इसलिए…

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मन में 2047 में देश विभाजन का डर नहीं, अखंड भारत के संकल्प को मजबूत बनाएं - डॉ. मोहन भागवत जी

मन में 2047 में देश विभाजन का डर नहीं, अखंड भारत के संकल्प को मजबूत बनाएं – डॉ. मोहन भागवत जी

मुंबई, 08 फरवरी। देश विरोधी शक्तियों के देश विभाजन के मंसूबों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक जी ने कहा कि आप 2047 में देश विभाजन का डर पालने की बजाय, अखंड भारत के उदय की कल्पना करो। जो 500 साल में सुल्तान बादशाह यहां रहकर नहीं कर सके, 200 साल में अंग्रेज नहीं कर…

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संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव पर पहुँचाना है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव पर पहुँचाना है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

सिद्धार्थनगर (गोरक्ष), 08 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि भारत वह देश रहा है, जिसने विश्व को अंक ज्ञान, संगीत, शिक्षा और परिवार व्यवस्था का श्रेष्ठ मार्ग दिखाया। दुनिया को इतना सब कुछ देने वाला भारत…

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