चांदवड तहसील के ‘णमोकार’ में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव; विविधता में एकता ही भारत की शक्ति
मलसाणे (णमोकार) जिला नासिक, १० फरवरी।
मलसाणे (तहसील चांदवड) स्थित ‘णमोकार’ तीर्थक्षेत्र में आयोजित दिगंबर जैन पंथ के अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि “धर्म का मार्ग छोड़कर भौतिकवाद को अपनाने वाली दुनिया को सुविधाएं तो मिलीं, लेकिन सुख दूर हो गया है। इसी कारण आज मानवता के सामने कई समस्याएं खड़ी हैं। आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का समन्वय साधकर धर्म के आचरण से ही मानव जाति का वास्तविक कल्याण संभव है”।
कार्यक्रम में मंच पर गणाचार्य श्री कुंथुसागर जी महाराज, आचार्य श्री देवनंदी जी महाराज, विधायक डॉ. राहुल आहेर आदि उपस्थित रहे।
सरसंघचालक जी ने कहा कि धर्मपरायण समाज के कारण ही भारत की विविधता में एकता निर्मित हुई है। अहिंसा, अनेकांतवाद और अपरिग्रह जैसे मूल्यों ने ही मानव जाति की प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया है। णमोकार यह केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि मनुष्य और सृष्टि के कल्याण का मार्गदर्शक मंत्र है। अब पूरी दुनिया को यह कल्याणकारी मंत्र देने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि तीर्थक्षेत्र तपस्या के साधन और मानव कल्याण के विचारों के प्रेरणा स्रोत हैं।
इस अवसर पर आचार्य देवनंदी जी महाराज ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्रता का अनुभव कर रहे हैं। साधु-संत देश की वास्तविक विरासत हैं और उनके अध्यात्म व भक्ति से ही देश की प्रगति हो रही है।
गणाचार्य कुंथुसागर जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि विश्व का कल्याण साधु-संतों के आशीर्वाद से ही संभव है। समाज की हिंसक प्रवृत्तियों को नष्ट कर मानवता के कल्याण के लिए कार्य करना समय की मांग है।
इस महोत्सव में विशेष ग्रंथ का विमोचन और ‘पंचपरमेष्ठी मंडप’ का उद्घाटन भी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में देशभर से हजारों जैन श्रद्धालु उपस्थित हैं।