संविधान सभा में संस्कृत : राज-भाषा अथवा राष्ट्र भाषा के रूप में स्वीकार करने के पक्ष में
संविधान निर्माण की प्रक्रिया के दौरान संविधान सभा में ‘भाषा’ के विषय पर 12-14 सितम्बर, 1949 को वाद-विवाद हुआ था. इस प्रस्ताव पर सभा में दो पक्ष थे – पहला जो स्पष्ट रूप से संस्कृत को राज-भाषा और राष्ट्र भाषा के रूप में स्वीकार करते थे और दूसरा पक्ष एकदम खिलाफ नहीं था, लेकिन उसके…