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गौ सेवा को भावनात्मक नहीं, नीतिगत और जनआंदोलन का विषय बनाया जाए – अजीत महापात्र जी

गौ सेवा को भावनात्मक नहीं, नीतिगत और जनआंदोलन का विषय बनाया जाए – अजीत महापात्र जी

जयपुर, 21 दिसंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय गौ सेवा प्रमुख अजीत महापात्र ने कहा कि वर्तमान समय में गौ सेवा को भावनात्मक नहीं, बल्कि नीतिगत, सामाजिक और व्यवहारिक आधार पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। गौ संरक्षण केवल गौशालाओं तक सीमित न रहकर घर, मंदिर, कृषि और सरकारी नीतियों से जुड़ा विषय बनना…

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13वें राष्ट्रीय कटनी पुस्तक मेले का शुभारंभ

13वें राष्ट्रीय कटनी पुस्तक मेले का शुभारंभ

कटनी। शहर के साधूराम उच्चत्तर माध्यमिक स्कूल परिसर में आयोजित पांच दिवसीय पुस्तक मेले और साहित्य महोत्सव का शुभारंभ अतिथियों ने बुधवार शाम (24 दिसंबर 2025) दीप प्रज्ज्वलन कर किया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार…

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Tiananmen Square Massacre : वामपंथी खूनी इतिहास है तियानमेन चौक नरसंहार

Tiananmen Square Massacre : तियानमेन चौक नरसंहार (3–4 जून 1989) वामपंथी अधिनायकवादी विचारधारा की अमानवीय प्रवृत्तियों और उसके छिपे हुए कुटिल उद्देश्यों का एक ज्वलंत प्रतीक है।

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राम मंदिर बन गया, अब राष्ट्र मंदिर का निर्माण करना है – डॉ. मोहन भागवत जी

राम मंदिर बन गया, अब राष्ट्र मंदिर का निर्माण करना है – डॉ. मोहन भागवत जी

पुणे, 01 दिसंबर, 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में कोथरूड के यशवंतराव चव्हाण थिएटर में आदित्य प्रतिष्ठान की ओर से आयोजित कृतज्ञता समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि विश्व कल्याण की पताका फहराते हुए श्रीराम मंदिर बन गया है। अब पहले से भी अधिक भव्य, शक्तिशाली और…

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छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्य में जल प्रबंधन

छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्य में जल प्रबंधन

सह्याद्रि के उत्तुंग शिखरों पर आसमान से बातें करने वाला गिरिदुर्ग हो या फिर समुद्री लहरों के बीच मुस्कुराते जलदुर्ग, उनकी व्यवस्थाएं देखकर ध्यान आता है कि हिन्दवी स्वराज्य के योजनाकार, वास्तुकार, अभियंता और निर्माण में योगदान करने वाले सभी शिल्पकार एवं श्रमिक अपने कार्य-कौशल में सिद्धस्थ थे। सुरक्षा पक्ष हो या फिर कला पक्ष,…

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महर्षि सिंगारु का त्याग

भगवान राम का तिल दान

लंकाधीश, असुरपति रावण को मारने के बाद भगवान राम लंका से अयोध्या वापिस लौटकर आए। महर्षि वसिष्ठ ने राम को सुझाव दिया कि वे किसी व्यक्ति को तिल का दान दें, क्योंकि उन्होंने रावण के साथ युद्ध में सैकडों व्यक्तियों को मारा था। तिल दान में लेने वाले व्यक्ति को चूंकि दान के परिणामों को…

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सामाजिक समरसता के लिए सेवा

सामाजिक समरसता के लिए सेवा

सामाजिक समरसता के संदर्भ में सेवाकार्य का योगदान अनन्य साधारण है। समाज में कई प्रकार के सेवा के कार्य चलते रहते हैं। उनकी प्रेरणा भी भिन्न-भिन्न प्रकार की रहती है। अनेक सेवाकार्य पुण्य संचय के हेतु से होते हैं। किसी सेवा कार्य की प्रेरणा भूतदया होती है। कई लोग प्रसिद्धि पाने के लिए सेवा कार्य…

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हिंदू जागरण: उत्सव से समाज-निर्माण तक

अप्रैल का महीना हिंदू पंचांग में पर्वो और परंपराओं की बहार लाता है। राम नवमी, हनुमान जयंती, वैशाखी, अक्षय तृतीया और अन्य अनेक त्योहार एक के बाद एक आते हैं। मंदिरों में भक्तों की भीड़, सड़कों पर शोभायात्राएँ, घरों में पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहता है। हिंदू बाहुल्य वाले भारत में यह…

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भाऊराव देवरस: सजीव अस्तित्वरूप

भाऊराव देवरस: सजीव अस्तित्वरूप

भाऊराव देवरस लखनऊ आए थे। पुराने कुछ सहयोगी उनसे बात कर रहे थे। अचानक वे बोल पड़े, ‘सुनो! डॉ. हेडगेवार की पीढ़ी के लोग एक-एक कर चले गए। दो-चार बचे हैं। मेरा नंबर तो पहले है।’ यह बात है, 9 मार्च, 1992 की। कुछ दिनों बाद ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली नगला चंद्रभान में…

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एक हजार साल पुरानी है भोजशाला

एक हजार साल पुरानी है भोजशाला

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार में मौजूद भोजशाला विवाद एक बार फिर चर्चा में है। इतिहास के पन्नों को पलटने पर पता चलता है कि साल 1034 में राजा भोज के शासनकाल में धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला की स्थापना हुई थी। एक हजार साल पुराने इस ऐतिहासिक स्थल को हाईकोर्ट ने वाग्देवी मंदिर परिसर करार…

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