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भारतीय शिल्पकला के प्रणेता भगवान विश्वकर्मा

भारतीय शिल्पकला के प्रणेता भगवान विश्वकर्मा

अ नेक पौराणिक कथाओं में भगवान विश्वकर्मा का उल्लेख प्राप्त होता है जिन्हें उत्कृष्ट वास्तु कला और भवनों का निर्माण करने के लिए जाना जाता है। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के प्रथम शिल्पी, दिव्य वास्तुकार तथा निर्माण-कला के अधिष्ठाता देवता के रूप में सम्मान दिया जाता है। वे शिल्प, वास्तुकला, अभियंत्रिकी, धातु-कला,…

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अयोध्या को मिली अनमोल विरासत… राम कथा म्यूजियम को भेंट की गई रामायण की 233 साल पुरानी पांडुलिपि…

अयोध्या को मिली अनमोल विरासत… राम कथा म्यूजियम को भेंट की गई रामायण की 233 साल पुरानी पांडुलिपि….

राम नगरी अयोध्या को भारतीय सांस्कृतिक विरासत की एक ऐतिहासिक सौगात मिली है. वाल्मीकि रामायण की 233 वर्ष पुरानी दुर्लभ संस्कृत पांडुलिपि को राम कथा म्यूजियम को भेंट किया गया है. महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित और महेश्वर तीर्थ की शास्त्रीय टीका से युक्त यह पांडुलिपि संस्कृत (देवनागरी लिपि) में लिखी गई है। यह विक्रम संवत…

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Narad Jayanti : राज्य स्तरीय 10 वें देवर्षि नारद जयंती एवं पत्रकार समारोह

फरीदाबाद। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने देवर्षि नारद जयंती (Narad jayanti) समारोह में बधाई देते हुये कहा कि महर्षि नारद जी ब्रह्मांड के प्रथम पत्रकार थे।

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भारत का अर्थ केवल भूगोल नहीं, अपितु एक स्वभाव है – डॉ. मोहन भागवत जी

भारत का अर्थ केवल भूगोल नहीं, अपितु एक स्वभाव है – डॉ. मोहन भागवत जी

इंदौर, 04 फरवरी 2026। कसरावद के लेपा स्थित श्री रामकृष्ण विश्व सद्भावना निकेतन में आयोजित विचार प्रेरक-कार्यक्रम में ‘मनुष्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सभी परमेश्वर के स्वरूप हैं, अत: उपकार नहीं, सेवा करना हमारा धर्म है। हमारे यहाँ चैरिटी नहीं, अपितु…

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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन : महान दार्शनिक, शिक्षक और राष्ट्रनायक की प्रेरक जीवनगाथा

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन : महान दार्शनिक, शिक्षक और राष्ट्रनायक की प्रेरक जीवनगाथा

घोड़े अलग-अलग रूप-रंग के होते हैं, पर गधे एक जैसे होते हैं। अलग-अलग रंग और विविधता विकास के लक्षण हैं। ये जवाब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने एक अंग्रेज को दिया था। दरअसल, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक बार भारतीय दर्शन पर व्याख्यान देने इंग्लैंड गए थे, तब वहां बड़ी संख्या में लोग उनका भाषण सुनने आए…

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“पंच परिवर्तन से राष्ट्र उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा” – डॉ. मोहन भागवत जी

“पंच परिवर्तन से राष्ट्र उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा” – डॉ. मोहन भागवत जी

हिन्दू धर्म सभी पंथों का मूल है, बँटने का नहीं संगठित होने का समय – श्री असंग देव जी रायपुर, 31 दिसम्बर 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त छत्तीसगढ़ के रायपुर अंतर्गत अभनपुर के सोनपैरी स्थित असंग देव कबीर आश्रम में विशाल हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया। हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता…

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श्री गुरुतेगबहादुर जी - भारतीय परंपरा के दैदीप्यमान नक्षत्र

श्री गुरुतेगबहादुर जी – भारतीय परंपरा के दैदीप्यमान नक्षत्र

माननीय सरकार्यवाह जी का वक्तव्य सिख परम्परा के नवम गुरु, श्री गुरुतेगबहादुर जी की शहादत के 350 वें प्रेरणादायी दिवस पर इस वर्ष विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं सहित भारत के सम्पूर्ण समाज द्वारा श्रद्धा एवं सम्मान के साथ अनेकानेक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। संघर्ष के उस कालखंड में भारत का अधिकांश भू-भाग विदेशी शासक औरंगजेब के…

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समाज, संस्कृति, संस्कार, नैतिकता और श्रेष्ठ आचरण संघ कार्य का मूल आधार – डॉ. मोहन भागवत जी

समाज, संस्कृति, संस्कार, नैतिकता और श्रेष्ठ आचरण संघ कार्य का मूल आधार – डॉ. मोहन भागवत जी

चरित्र से मजबूत होता है राष्ट्र, संघ मूल्य आधारित संगठन – ले. जनरल (सेवानिवृत्त) बी.एस. जायसवाल जी कुरुक्षेत्र – 28 फरवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज, संस्कृति, संस्कार, नैतिकता और श्रेष्ठ आचरण संघ कार्य का मूल आधार हैं। स्पष्ट किया कि नैतिक मूल्यों, आचरण, संस्कार और…

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गांव की प्रतिभाओं को मिली पहचान, खेत-खलिहान से भरी आईआईटी की उड़ान

लखनऊ, 21 अप्रैल (हि.स.) खेतों की पगडंडियों से उठकर आईआईटी के सपनों तक पहुंचने की यह कहानी केवल सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, संकल्प और सही मार्गदर्शन की ताकत का जीवंत उदाहरण है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अर्जुनगंज स्थित महामना शिक्षण संस्थान के छात्रों ने जेईई मेन्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते…

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