शिक्षा वह है जो मनुष्य में उचित-अनुचित का विवेक जाग्रत करे – डॉ. मोहन भागवत जी
नागपुर, 1 जुलाई 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने जरीपटका स्थित सिन्धु एजुकेशन सोसायटी के अमृत महोत्सव वर्ष के उद्घाटन कार्यक्रम...
मैंने देखा इच्छामरण
सबेरे का समय, चाय-पान का वक्त, पूजनीय श्री गुरुजी के कमरे में (उसे कोठरी कहना ही अधिक उपयुक्त होगा) जब हम लोग प्रविष्ट हुए तब वे...
“बताया हुआ काम करना चाहिए पर उसका ढोल पीटने की आवश्यकता नहीं”
डॉक्टर जी अपनी बैठक में यह बार-बार बताते थे कि “बताया हुआ काम करना चाहिए पर उसका ढोल पीटने की आवश्यकता नहीं” तथा “यह कभी नहीं...
