Tagged: भारतीय चिंतन

शिक्षा वह है जो मनुष्य में उचित-अनुचित का विवेक जाग्रत करे - डॉ. मोहन भागवत जी 0

शिक्षा वह है जो मनुष्य में उचित-अनुचित का विवेक जाग्रत करे – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, 1 जुलाई 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने जरीपटका स्थित सिन्धु एजुकेशन सोसायटी के अमृत महोत्सव वर्ष के उद्घाटन कार्यक्रम...

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जब केशवराव पहुँचे क्रांति की भूमि कलकत्ता

प्रसन्नचित्त से केशवराव कलकत्ता पहुँचे। कलकत्ता उनकी दृष्टि में केवल महानगरी नहीं थी। वह आत्मबलिदान की वेदी थी। वहाँ के युवक मातृभूमि को विदेशी शासन से...

करोड़ों देशभक्त नागरिकों के दिलों में है आरएसएस का पंजीयन 0

करोड़ों देशभक्त नागरिकों के दिलों में है आरएसएस का पंजीयन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पंजीकृत क्यों नहीं है? यह अपने आय-व्यय का हिसाब-किताब क्यों नहीं देता है? आरएसएस पारदर्शिता नहीं रखता है। ये ऐसे सवाल हैं,...

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने पूरे देश को अचंभित और आनंदित किया है। 0

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने पूरे देश को अचंभित और आनंदित किया है।

दिसंबर 2025 और फरवरी 2026 में मुझे बंगाल जाने का अवसर मिला था। वहाँ अधिकांश लोग परिवर्तन की इच्छा तो रखते थे, किंतु यह परिवर्तन वास्तव...

“बताया हुआ काम करना चाहिए पर उसका ढोल पीटने की आवश्यकता नहीं" 0

“बताया हुआ काम करना चाहिए पर उसका ढोल पीटने की आवश्यकता नहीं”

डॉक्टर जी अपनी बैठक में यह बार-बार बताते थे कि “बताया हुआ काम करना चाहिए पर उसका ढोल पीटने की आवश्यकता नहीं” तथा “यह कभी नहीं...

हवन-तीर्थ-कीर्तन-दर्शन के चार पहियों पर हिन्दू धर्म की बैलगाड़ी चलती है और चलती रहेगी निरन्तर 0

हवन-तीर्थ-कीर्तन-दर्शन के चार पहियों पर हिन्दू धर्म की बैलगाड़ी चलती है और चलती रहेगी निरन्तर

यह स्थापना हिन्दी के प्रख्यात ललित निबन्धकार आचार्य कुबेरनाथ राय की भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी आस्था और उनकी मौलिक चिन्तन-दृष्टि को प्रकट करती है। भारतीयता,...