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क्या है ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ?

क्या है ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ?

डॉ प्रवीण गुनानी आ सिंधु-सिंधु पर्यन्ता, यस्य भारत भूमिका.पितृभू-पुण्यभू भुश्चेव सा वै हिंदू रीति स्मृता. इस श्लोक के अनुसार “भारत के वह सभी लोग हिंदू हैं जो इस देश को पितृभूमि-पुण्यभूमि मानते हैं”वीर दामोदर सावरकर के इस दर्शन को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का मूलाधार बनाकर संघ का संगठन, संस्थापना करने वाले डा. केशव बलिराम हेडगेवार जी…

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संघ को समझना है तो शाखा आइए

संघ को समझना है तो शाखा आइए

राजीव तुली विभिन्न कारणों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चर्चा में रखना मित्रों तथा अमित्रों दोनों के लिए लाभप्रद रहता है। अमित्र लिखा है, शत्रु नहीं, क्योंकि संघ किसी को भी अपना शत्रु नहीं मानता है। समाज दो भागों में है—एक जो आज स्वयंसेवक हैं और दूसरे जो भविष्य में संघ से जुड़ेंगे, ऐसी संघ…

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हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा

हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा

माधव राव ने कुछ स्वयंसेवकों को मुस्लिम पहचान देकर विभाजित पंजाब के शहरों में मुस्लिम लीग के प्रभाव वाले क्षेत्रों में तैनात कर दिया. ये लोग बताते थे कि कैसे पूरी तैयारी के साथ मुस्लिम लीग के लोग हिंदू बाहुल्य इलाकों की रिपोर्ट तैयार करते हैं, और फिर हमला करते थे. RSS के 100 सालों…

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पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन में चिति का विचार

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन में चिति का विचार

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय भारत के एक महान विचारक, दार्शनिक और राजनेता थे, जिन्होंने दुनिया को एकात्म मानववाद का एक बेहद अनूठा और गहरा सिद्धांत दिया। उनके इस दर्शन में व्यक्ति, समाज, प्रकृति और ईश्वर को अलग-अलग टुकड़ों में नहीं, बल्कि एक ही श्रृंखला के अभिन्न हिस्से के रूप में देखा गया है। उनके इसी चिंतन…

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11 सितम्बर 1893: जब शिकागो में गूंजा भारत का सनातन संदेश

11 सितम्बर 1893: जब शिकागो में गूंजा भारत का सनातन संदेश

शिकागो भाषण, 11 सितम्बर 1893   (Sankar, The Monk As the unknown life of Swami Vivekananda, Penguin Books)  ‘भारतवर्ष की विभूतियाँ’ नामक पुस्तक में शिकागों भाषण और स्वामी विवेकानन्द के विषय में लिखा है, “सन 1893 में आप शिकागो सर्व धर्म सम्मेलन में भाग लेने के हेतु प्रतिनिधि होकर अमेरिका गये। अमेरिका और इंग्लैण्ड में करीब…

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जब 'फिरन में छिपाए तिरंगा' की विवशता पर बोले थे अटल जी

जब ‘फिरन में छिपाए तिरंगा’ की विवशता पर बोले थे अटल जी

1995 ई. में जब यह कल्पना ही नहीं की जा सकती थी कि जम्मू-कश्मीर जैसे आतंकवादग्रस्त क्षेत्र में एक दिन भारतीय संविधान पूरी तरह से लागू होगा, राष्ट्रीय एकता में बाधक अस्थायी धारा-370 का लोप हो जाएगा, 35-ए का अस्तित्व ही कहीं नहीं रहेगा और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा कश्मीर में सम्मान और गौरव के साथ…

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‘हनुमान अंश’ की दहाड़

‘हनुमान अंश’ की दहाड़

इस समय सारे देश में फिल्म ‘हनुमान अंश’ की चर्चा है। कल शुक्रवार को इस मूवी ने चार सप्ताह पूरे किए और एक ऐसा इतिहास रच दिया कि सारे फिल्मी पंडित भौचक होकर देखते रह गए..! अनेकों के लिए यह सफलता महज आश्चर्य है। अनेक लोग इस फिल्म की तुलना 1975 में प्रदर्शित हुई ‘जय…

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इस्लामीकरण की राह पर ब्रिटेन

इस्लामीकरण की राह पर ब्रिटेन

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ने बीते दिनों ब्रिटेन को ‘इस्लामी गणतंत्र’ की संज्ञा दे डाली। दो साल पहले अमेरिको उपराष्ट्रपति जेडी वॅस ने चुनाव प्रचार के दौरान मजाक में कहा था कि ब्रिटेन पहला परमाणु शक्ति संपन्न इस्लामी गणतंत्र बनने वाला है। उस पर ब्रिटेन की पूर्व गृहमंत्री सुवेला ब्रावरमैन ने कहा था, ‘वेंस…

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Be vigilant regarding ideological and radical forces trying to weaken Bharat – Indrasena Reddy Ji, Governor of Tripura

Be vigilant regarding ideological and radical forces trying to weaken Bharat – Indrasena Reddy Ji, Governor of Tripura

Struggle was not merely political- Sunil Amebkar Ji Bhagyanagar, August 23, 2026. Tripura Governor N. Indrasena Reddy Ji called upon society to remain alert against elements seeking to promote anarchy, recalling the sacrifices of students and Sangh Swayamsevaks who stood against Naxal violence and extremist ideology in Telangana and Andhra Pradesh. He was speaking at…

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अटल बिहारी वाजपेयी : एक संक्षिप्त लेकिन प्रभावी जीवनी...

अटल बिहारी वाजपेयी : एक संक्षिप्त लेकिन प्रभावी जीवनी…

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में एक साधारण लेकिन संस्कारवान ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी संस्कृत के विद्वान थे और माता कृष्णा देवी गृहिणी थीं। बचपन से ही अटल जी में गहरी संवेदनशीलता, स्पष्टवादिता और राष्ट्रभक्ति के संस्कार पनप रहे थे। विद्यार्थी जीवन में उन्होंने ग्वालियर…

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