रज्जू भैया : विज्ञान-साधना से राष्ट्र-आराधना तक
✍️ प्रणय विक्रम सिंह कुछ व्यक्तित्वों पर लिखना शब्दों का काम नहीं होता, श्रद्धा का काम होता है। कलम चलती अवश्य है, लेकिन लिखता हृदय है।...
पाञ्चजन्य द्वारा निर्मित वृत्तचित्र ‘अमिट अटल’ का हुआ भव्य प्रदर्शन
नई दिल्ली, 3 जुलाई 2026। राष्ट्र भक्ति और वैचारिक पत्रकारिता के संवाहक साप्ताहिक पत्र ‘पाञ्चजन्य’ द्वारा भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी...
आपातकाल पर माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का विशेष साक्षात्कार…..
आपातकाल के दौरान (1975-1977) की परिस्थितियों, सरकार की दमनकारी नीति, संघ की भूमिका पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी से विश्व संवाद केंद्र...
हिंदू जाति के प्रतिनिधि कवि के प्रति उदासीनता
आचार्य रामचंद्र शुक्ल के लेखन पर कुछ काम करते हुए कवि भूषण के बारे में उनकी राय सामने आई। आचार्य शुक्ल ने कवि भूषण को ‘हिंदू...
राष्ट्रीय विचारों के प्रखर लेखक एच.वी. शेषाद्रि जी
इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो केवल संगठन का नेतृत्व नहीं करते बल्कि अपने विचार, लेखनी और जीवन-साधना से पीढ़ियों को दिशा देते हैं।...
अजेय अस्मिता का अंगार: झुकती दुनिया में ‘प्रताप’ होने का अर्थ
जब स्वाधीनता ने स्वयं को मानवीय स्वरूप में प्रकट करना चाहा, जब समता और समन्वय ने ‘योद्धा’ के रूप में खुद को ढालने की आरजू की,...
आरएसएस और कम्युनिस्ट विचार : भारत की आत्मा और आयातित सोच का संघर्ष
के के उपाध्याय भारत के वैचारिक परिदृश्य में एक संघर्ष लंबे समय से जारी है — एक ओर वह संगठन है जिसने राष्ट्रवाद को भारतीय जीवन...
