वंचित को सशक्त करना हो समाज का उद्देश्य – डॉ. मोहन भागवत जी
सामाजिक सद्भाव से अनेक चुनौतियों का समाधान संभव; संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त सद्भाव बैठक का आयोजन रायपुर, 01 जनवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त...
केशव ने बीज बोया, माधव ने सींचा, मधुकर ने संवारा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में कलामंडपम में ‘संघ गंगा के तीन भगीरथ’ नाटक का मंचन, संघ यात्रा के तीन कृष्ण-स्वरट राष्ट्रीय स्वयंसेवक...
13वें राष्ट्रीय कटनी पुस्तक मेले का शुभारंभ
कटनी। शहर के साधूराम उच्चत्तर माध्यमिक स्कूल परिसर में आयोजित पांच दिवसीय पुस्तक मेले और साहित्य महोत्सव का शुभारंभ अतिथियों ने बुधवार शाम (24 दिसंबर 2025)...
संघ का एक ही लक्ष्य है, तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें – डॉ. मोहन भागवत जी
कोलकाता व्याख्यानमाला – 100 वर्ष की संघ यात्रा ‘नए क्षितिज‘ दिनांक – 21 दिसंबर 2025, तृतीय सत्र संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त कोलकाता में आयोजित एक दिवसीय व्याख्यानमाला...
अन्तर्निहित एकता की बात हमारी संस्कृति में चलती आई है – डॉ. मोहन भागवत जी
कोलकाता व्याख्यानमाला – 100 वर्ष की संघ यात्रा ‘नए क्षितिज‘ दिनांक – 21 दिसंबर, 2025, प्रथम सत्र संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त कोलकाता में आयोजित एक दिवसीय व्याख्यानमाला...
1965 के युद्ध में जब शास्त्रीजी ने मांगी थी गुरु गोलवलकर जी से सहायता
एक दोपहर गुरु गोलवलकर जी भोजन के बाद आराम कर रहे थे. तभी एक संदेशवाहक आया और उनसे कहा कि वे जल्द से जल्द प्रधानमंत्री कार्यालय...
राष्ट्र निर्माण में युवा सक्रिय भूमिका निभाएं – दत्तात्रेय होसबाले जी
ऊधमपुर, 07 दिसम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को रिवायत हॉल में ”100 वर्ष की यात्रा और भविष्य की दिशा” विषय...
जब RSS के कार्यक्रम में आने से नेपाल के राजा को रोक दिया था भारत सरकार ने
ये कहानी तब की है जब अभिनेत्री मनीषा कोइराला के दादा बीपी कोइराला नेपाल के प्रधानमंत्री थे और नेपाल के राजा थे महेंद्र वीर विक्रम शाह....
हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा..
माधव राव जी ने कुछ स्वयंसेवकों को मुस्लिम पहचान देकर विभाजित पंजाब के शहरों में मुस्लिम लीग के प्रभाव वाले क्षेत्रों में तैनात कर दिया. ये...
हम सभी श्रद्धापूर्वक मातृभूमि की महिमा का गायन करें
अपनी भूमि हमें मातृभूमि लगनी चाहिए। उसका कण-कण हमें पवित्र लगना चाहिए। हमारी मातृभूमि, कोई मिट्टी का ढेर नहीं, वह जड़ या अचेतन नहीं, ऐसी हमारी...
