Tagged: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ

स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया 0

स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

प्रो फेसर राजेन्द्र सिंह, जिन्हें दुनिया आदर से ‘रज्जू भैया’ कहती है, का जीवन इस बात का ज्वलन्त प्रमाण है कि सच्बा बड़प्पन पद या प्रतिष्ठा...

भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा - भय्याजी जोशी 0

भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा – भय्याजी जोशी

पुणे, 22 जनवरी 2026। संस्कृत भारती पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत की ओर से आयोजित 10 संस्कृत पुस्तकों के लोकार्पण कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय...

धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है – डॉ. मोहन भागवत जी 0

धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है – डॉ. मोहन भागवत जी

ग्रंथ, शास्त्र और संतों की वाणी हमारी समझ और सामर्थ्य को बढ़ाते हैं – आचार्य महाश्रमण जी नागौर, 22 जनवरी 2026। जिले के छोटी खाटू कस्बे...

गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी 0

गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी

मुंबई, 21 जनवरी 2026। प्राचार्य बी. एन. वैद्य सभागार, दादर पूर्व में तत्वचिंतक और संगठक, अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक श्रद्धेय स्व. डॉ....

देशहित किसी का एकाधिकार नहीं, हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है – डॉ. मोहन भागवत जी 0

देशहित किसी का एकाधिकार नहीं, हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट, 20 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राजकोट में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में...

संघ और डॉक्टर साहब समानार्थक शब्द हैं – डॉ. मोहन भागवत जी 0

संघ और डॉक्टर साहब समानार्थक शब्द हैं – डॉ. मोहन भागवत जी

‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष – शतक’ के गीतों का लोकार्पण नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी...

भारत की विकास की अवधारणा आत्मकेंद्रित नहीं, बल्कि समाज केंद्रित रही है - डॉ. कृष्णगोपाल जी 0

भारत की विकास की अवधारणा आत्मकेंद्रित नहीं, बल्कि समाज केंद्रित रही है – डॉ. कृष्णगोपाल जी

जयपुर, 02 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने कहा कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक समृद्धि नहीं है। वास्तविक विकास...

अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी 0

अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी

भोपाल, 02 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के प्रसंग पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का देशभर में प्रवास हो रहा है। इसी...

धर्म का अर्थ पूजा-पद्धति नहीं; धर्म सबको साथ लेकर चलता है, सबका उत्थान करता है – डॉ. मोहन भागवत जी 0

धर्म का अर्थ पूजा-पद्धति नहीं; धर्म सबको साथ लेकर चलता है, सबका उत्थान करता है – डॉ. मोहन भागवत जी

हिन्दू पहचान हम सबको जोड़ती है; हिन्दू धार्मिक पहचान से बढ़कर, स्वभाव और प्रकृति है भोपाल। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त भोपाल में आयोजित ‘प्रमुख जन...

भेदभाव छोड़िए, सबको अपना मानिए- डाॅ. मोहन भागवत जी 0

भेदभाव छोड़िए, सबको अपना मानिए- डाॅ. मोहन भागवत जी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत जी ने समाज, राष्ट्र और परिवार से जुड़े कई...