मातृशक्ति के जागरण से ही समाज सशक्त, समरस और राष्ट्र के प्रति जागरूक बनता है – दत्तात्रेय होसबाले जी
जोधपुर, 13 दिसंबर 2025। संघ कार्य के सौ वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा मातृशक्ति गोष्ठी का आयोजन जोधपुर काजरी के सभागार में किया...
राष्ट्र निर्माण में युवा सक्रिय भूमिका निभाएं – दत्तात्रेय होसबाले जी
ऊधमपुर, 07 दिसम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को रिवायत हॉल में ”100 वर्ष की यात्रा और भविष्य की दिशा” विषय...
हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा..
माधव राव जी ने कुछ स्वयंसेवकों को मुस्लिम पहचान देकर विभाजित पंजाब के शहरों में मुस्लिम लीग के प्रभाव वाले क्षेत्रों में तैनात कर दिया. ये...
निष्ठावान सच्चरित्र बनें और राष्ट्रभक्ति करें
मद्रास में विद्यार्थियों का कार्यक्रम था। श्री गुरुजी शिक्षा के विषय में बोल रहे थे। ‘शिक्षा का अर्थ केवल पढ़ना और लिखना इतना ही नहीं होता।...
राम मंदिर बन गया, अब राष्ट्र मंदिर का निर्माण करना है – डॉ. मोहन भागवत जी
पुणे, 01 दिसंबर, 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में कोथरूड के यशवंतराव चव्हाण थिएटर में आदित्य प्रतिष्ठान की ओर से आयोजित कृतज्ञता...
भक्ति मानव को समष्टि से जोड़ने वाला आध्यात्मिक सत्य है – डॉ. मोहन भागवत जी
ज्ञान और कर्म भक्ति आधारित होना चाहिए – सरसंघचालक जी संत ज्ञानेश्वर द्वारा रचित श्री ज्ञानेश्वरी के अंग्रेजी संस्करण का विमोचन नागपुर, 30 नवम्बर। लक्ष्मीनगर स्थित...
युवा संवाद – गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेते हुए समाज में कार्य करने का आह्वान
बठिंडा, 26 नवम्बर। सप्तसिन्धु फोरम ने अखिल भारतीय चिकित्सा संस्थान (एम्स) बठिंडा के सभागार में युवा संवाद का आयोजन किया। युवा संवाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ...
संघ स्वयंसेवकों के भाव बल और जीवन बल से चलता है – डॉ. मोहन भागवत जी
जयपुर, 16 नवंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने ज्ञान गंगा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘…और यह जीवन समर्पित’ का विमोचन किया।...
शोधार्थियों और विश्वविद्यालयों का समाज से सीधा संवाद होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी
जयपुर, 16 नवंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज किन बातों से लाभान्वित होता है, यह समझने के लिए...
आरएसएस और कम्युनिस्ट विचार : भारत की आत्मा और आयातित सोच का संघर्ष
के के उपाध्याय भारत के वैचारिक परिदृश्य में एक संघर्ष लंबे समय से जारी है — एक ओर वह संगठन है जिसने राष्ट्रवाद को भारतीय जीवन...
