देशभक्ति और देवभक्ति अलग-अलग नहीं – डॉ. मोहन भागवत जी
नागपुर, १० सितम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देवभक्ति और देशभक्ति, यह दो शब्द भले ही अलग दिखते हों,...
संघ शताब्दी वर्ष – सौ साल और संघ की छवि
बलबीर पुंज गत दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय व्याख्यानमाला का आयोजन हुआ। देश-विदेश से आए सैकड़ों गणमान्य...
एक साधारण स्वयंसेवक की भावानुभूति : सरसंघचालक से हुई भेंट पर निःसृत भाव-धारा
स्वयंसेवक साधारण नहीं होता। वह विशिष्ट है। उसकी विशिष्टता “कुल” अथवा “विराट” के अंश होने में है। उसकी विशिष्टता “बूँद” बनकर “समाज-सिंधु” में स्वयं को विसर्जित कर देने में है।
यह युद्ध धर्म और अधर्म के बीच है – डॉ. मोहन भागवत जी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जब हम आपसी मतभेदों में रहते हैं, तो समाज में खाई बढ़ती जाती है।
