वामनावतार : शक्ति का संस्कार
भारतीय सामाजिक, सांस्कृतिक चेतनत्त्व के पटल पर भगवान वामन का स्वरूप केवल दशावतार रूपी परम्परा में एक धार्मिक दृष्टि तक ग्रहण करना उनके व्यक्तित्व की व्यापकता एवं विराटता को सीमित कर देना प्रतीत होता है। वामन अनुकृति के अन्तर्गत भारतीय मनीषियों ने स्व मेधा से सत्ता, सामर्थ्य, विनम्रता, आत्मसंयम एवं लोककल्याण के ऐसे गहनतं जीवन-मूल्यों…