Headlines
प्रकृति प्रेमी कालिदास

महाकवि कालिदास: जीवन, रचनाएँ, साहित्य और प्रेरणादायक व्यक्तित्व

भारतीय साहित्य के इतिहास में यदि किसी एक कवि ने अपनी प्रतिभा से भाषा, संस्कृति, प्रकृति, दर्शन और मानवीय भावनाओं को एक साथ अमर बना दिया, तो वे महाकवि कालिदास हैं। संस्कृत साहित्य के इस महान् कवि और नाटककार ने अपनी अनुपम रचनाओं के माध्यम से न केवल भारतीय काव्य परम्परा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान…

Read Full News
राजा लक्ष्मण सिंह हिन्दी भाषा के प्रखर समर्थक

विशुद्ध हिन्दी के समर्थक राजा लक्ष्मण सिंह: हिन्दी गद्य के महान निर्माता

उन्नीसवीं शताब्दी का उत्तरार्ध हिन्दी भाषा के विकास और उसकी पहचान का महत्वपूर्ण काल था। इसी समय राजा लक्ष्मण सिंह जैसे विद्वान साहित्यकार, अनुवादक और भाषा-चिन्तक सामने आए, जिन्होंने हिन्दी को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा माना। जब हिन्दी और उर्दू के स्वरूप को लेकर व्यापक बहस चल रही थी,…

Read Full News
दिल्ली का गुप्त अभियान से जुड़ा विभाजन काल का ऐतिहासिक संस्मरण

विभाजन से पहले दिल्ली में संघ का गुप्त अभियान: दुर्लभ संस्मरण

प्रस्तावना: दिल्ली का गुप्त अभियान दिल्ली का गुप्त अभियान भारत विभाजन से पहले की पुरानी दिल्ली से जुड़ा एक चर्चित संस्मरण है। उस समय राजधानी के अनेक क्षेत्रों में सांप्रदायिक तनाव का वातावरण था और सामान्य नागरिकों का जीवन भी इससे प्रभावित हो रहा था। विशेष रूप से जामा मस्जिद, दरीबा कलां और आसपास के…

Read Full News
इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति और रामायण की परंपरा

इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति की अमिट छाप: लालकृष्ण आडवाणी और विद्यानिवास मिश्र के संस्मरण

इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति आज भी अनेक सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और सामाजिक जीवन में दिखाई देती है। पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी तथा प्रख्यात साहित्यकार विद्यानिवास मिश्र ने अपनी यात्राओं के दौरान ऐसे कई अनुभव साझा किए, जिनमें रामायण, महाभारत और संस्कृत परंपरा के प्रभाव का उल्लेख मिलता है। इन संस्मरणों के माध्यम से इंडोनेशिया…

Read Full News
पद्म श्री अंके गौड़ा: जिस व्यक्ति ने अपना घर नहीं, पूरा जीवन पुस्तकों को समर्पित कर दिया… उन्हें मिला पद्म श्री।

पद्म श्री अंके गौड़ा: पुस्तकों के लिए समर्पित जीवन, समाज के लिए प्रेरणा का प्रकाश

आज जब दुनिया मोबाइल स्क्रीन पर सिमटती जा रही है, तब कर्नाटक के एक साधारण किसान परिवार से निकले पद्म श्री अंके गौड़ा ने यह साबित कर दिया कि किताबें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि समाज को बदलने की सबसे बड़ी शक्ति हैं। अंके गौड़ा ने न तो कोई बड़ी राजनीतिक शक्ति पाई, न…

Read Full News
गलती के लिए प्रायश्चित जरूरी

गलती के लिए प्रायश्चित जरूरी

अपूर्ण संसार की उपज होने के नाते हम सभी अपूर्ण हैं। हम सबने कोई-न-कोई गलती की है। कुछ बातों का हमें पश्चाताप होता है- वे काम जो हमने किए हैं या वे काम जो हमने नहीं किए। प्रायश्चित की सच्ची भावना के साथ अपनी गलतियों को स्वीकार करना हमें जीवन में सन्मार्ग पर चलने और…

Read Full News
महर्षि सिंगारु का त्याग

भगवान राम का तिल दान

लंकाधीश, असुरपति रावण को मारने के बाद भगवान राम लंका से अयोध्या वापिस लौटकर आए। महर्षि वसिष्ठ ने राम को सुझाव दिया कि वे किसी व्यक्ति को तिल का दान दें, क्योंकि उन्होंने रावण के साथ युद्ध में सैकडों व्यक्तियों को मारा था। तिल दान में लेने वाले व्यक्ति को चूंकि दान के परिणामों को…

Read Full News
राष्ट्रीय एकता के अनथक साधक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

राष्ट्रीय एकता के अनथक साधक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

भारतीय राजनीति के इतिहास में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम उन नेताओं में लिया जाता है जिन्होंने सत्ता से अधिक सिद्धान्तों को महत्व दिया। वे स्वतंत्र भारत के उन विरले व्यक्तित्वों में थे जिन्होंने राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक अस्मिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को अपने सार्वजनिक जीवन का आधार बनाया। शिक्षाविद्, सांसद, केंद्रीय मंत्री और…

Read Full News
जलियाँवाला नर-संहार का सच

जलियाँवाला नर-संहार का सच

अभी तक हमें सभी पुस्तकों में यही बताया जाता है कि 1919 में अमृतसर के जलियाँवाले बाग में रौलट एक्ट के विरुद्ध कांग्रेस की सभा हो रही थी। इससे जनरल डायर ने गुस्से में आकर उस सभा पर गोली चला दी। यह वह अधूरा सच है, जिसे उस समय ब्रिटिश सरकार ने प्रचारित किया था।…

Read Full News
‘कबीर यहु घर प्रेम का, खाला का घर नांहि’ – संत संत कबीरदास

‘कबीर यहु घर प्रेम का, खाला का घर नांहि’ – संत संत कबीरदास 

संक्षिप्त परिचय  इससे सिद्ध होता है कि संत कबीरदास  वस्तुतः रामानंद के शिष्य थे और उन्हीं से उन्हें रामनाम का मंत्र मिला था। संत कबीरदास  और सामाजिक समरसता   संत कबीरदास ने समाज में सामाजिक सद्भाव लाने का कार्य किया। उन्होंने लोगों को अनुभवपरक ज्ञान के आधार पर समझाने का कार्य किया। कबीर के विचार उनके…

Read Full News