संघ के विस्तार का अर्थ राष्ट्रीय विचार का विस्तार – दत्तात्रेय होसबाले जी, सरकार्यवाह
देश के नागरिकों का औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होना आवश्यक; भारतीय विमर्श समस्त विश्व के कल्याण का विचार समालखा (पानीपत), 15 मार्च 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ...
जब श्रीगुरुजी को माँ भगवती के प्रत्यक्ष साक्षात्कार हुए
पूजनीय गुरुजी को साक्षात्कार हुआ था या नहीं इस सम्बन्ध में महाराष्ट्र के एक सन्त श्री दत्ता ने अपनी श्रद्धांजलि सभा में कहा- मेरे व्याख्यानों का...
संत रविदास के जीवन-संदेश को समझकर देश और समाज की एकात्मता हेतु कार्य करने का संकल्प आवश्यक है : श्री दत्तात्रेय होसबाले जी
सन्त शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर मा. सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले जी का वक्तव्य ” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संत...
संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में समाज से मिल रहा प्रतिसाद प्रेरणादायी – सी. आर. मुकुंद जी, सह सरकार्यवाह
समालखा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक प्रारंभ केरल राज्य में हजारों मुस्लिम एवं ईसाई परिवारों में किया गृहसंपर्क- परिवारों ने...
सनातन संस्कृति में संस्कारों का महत्व
सनातन संस्कृति में संस्कारों का बड़ा महत्व है। संस्कारों की सम्पन्नता से शारीरिक, मानसिक आदि सभी परिशुद्धियाँ (पूर्ण शुद्धि) होती हैं। मानव जीवन को शुद्ध करने...
प्रतिनिधि सभा बैठक स्थल पर प्रदर्शनी का शुभारम्भ
समालखा (पानीपत)। पट्टीकल्याणा स्थित माधव सृष्टि केंद्र में विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी में नौवें सिक्ख गुरु महान बलिदानी श्री गुरु तेगबहादुर जी के जीवन...
‘द केरल स्टोरी-2’: समाज की छिपी परतों को उजागर करती फिल्म
‘जो ताकत मुहब्बत में है, वो बारूद में नहीं। काफिर लड़की सिर्फ एक लड़की नहीं होती है, वह एक पोटेंशियल फैमिली ट्री होती है, उसे वहाँ...
परिवर्तनशील समाज में ‘कुटुम्ब व्यवस्था’
भारत एक ऐसा देश है जहाँ परिवार केवल सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि जीवन का मूलाधार है। भारतीय समाज की आत्मा कुटुम्ब व्यवस्था है, जो व्यक्ति को...
लेखन और रामायण सेवा हेतु समर्पित व्यक्तित्व लल्लनप्रसादव्यास
बचपन में पाँच वर्ष की उम्र में ही सिर से पिता का साया उठ गया। जब उनके शव को श्मशान ले जाने की तैयारी की जा...
मातृभाषाओं के संरक्षण का पक्षधर है संघ
भारतीय भाषाओं पर संघ का दृष्टिकोण: सभी भारतीय भाषाएं, राष्ट्रीय भाषाएं हैं। किसी की अनदेखी न हो, सबको समान स्तर प्राप्त हो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने...
