संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पर आधारित है – डॉ. मोहन भागवत जी
गोरखपुर, 15 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत की ओर से तारामंडल स्थित बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमुख जन...
सामाजिक समरसता के लिए सेवा
सामाजिक समरसता के संदर्भ में सेवाकार्य का योगदान अनन्य साधारण है। समाज में कई प्रकार के सेवा के कार्य चलते रहते हैं। उनकी प्रेरणा भी भिन्न-भिन्न...
आज काशी चढ़ाएगी बाबा को शगुन की हल्दी, दूल्हा रूप में सजेंगे श्रीविश्वनाथ
महाशिवरात्रि से पहले काशी में बाबा विश्वनाथ के शिव विवाह की रस्में शुक्रवार को सगुन हल्दी के साथ शुरू होंगी। बांसफाटक से हल्दी की पारंपरिक यात्रा...
राहुल बनकर हिंदू लड़कियों को जाल में फंसाता था कमरू
*नौकरी लगवाने की बात पर लाता था और करता था दुष्कर्म *आरोपित की तलाश में दो जिलों में गोमतीनगर पुलिस की दबिश राहुल बनकर हिंदू लड़कियों...
जब डराने वाले ही डर गए थे
1946 के सैन्य विद्रोह से कांप गई ब्रिटिश सत्ता 80 वर्ष पूर्व 1946 में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध हुआ सैन्य विद्रोह स्वाधीनता संग्राम का अंतिम युद्ध...
श्री गुरुजी का सामाजिक दर्शन – अस्पृश्यता का उपचार
अस्पृश्यता रोग की जड़ जन सामान्य के इस विश्वास में निहित है कि यह धर्म का अंग है और इसका उल्लंघन महापाप होगा। यह विकृत धारणा...
श्री गुरुजी का आर्थिक चिंतन : पश्चिमी राष्ट्रों का लक्ष्य केवल भौतिक सुख
मनुष्य जीवन का लक्ष्य क्या है? अथवा मनुष्य अपने सामने जीवन का लक्ष्य कौन सा रखे? इस बारे में लगभग सभी लोगों का मत है कि...
महर्षि दयानन्द सरस्वती: वैदिक नवजागरण के अग्रदूत
जिस समय केशवचन्द्र सेन ब्रह्मसमाज के प्रचार में संलग्न थे उसी समय मथुरा स्थित दण्डी स्वामी विरजानन्द की कुटी से एक तेजस्वी संन्यासी निकला, जिसने विद्वानों...
गुणवत्तापूर्ण समाज से ही राष्ट्र बलशाली बनता है – डॉ. मोहन भागवत जी
जऊलके (ता. दिंडोरी, जि. नासिक), 10 फरवरी। जऊलके स्थित आर्मस्ट्रांग रोबोटिक्स एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में आयोजित शिक्षा संस्थानों के प्रमुखों से स्नेह संवाद कार्यक्रम में...
धर्म के आचरण से ही मानव जाति का कल्याण संभव – डॉ. मोहन भागवत जी
चांदवड तहसील के ‘णमोकार’ में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव; विविधता में एकता ही भारत की शक्ति मलसाणे (णमोकार) जिला नासिक, १० फरवरी। मलसाणे (तहसील चांदवड) स्थित ‘णमोकार’...
