विश्‍व संवाद केन्‍द्र अवध, लखनऊ

काशी की बेटी का अद्भुत प्रदर्शन : अमेरिका की माउंट अकोंकागुआ की पहाड़ी पर 35 किलो वजन के साथ पाई विजय.... 0

काशी की बेटी का अद्भुत प्रदर्शन : अमेरिका की माउंट अकोंकागुआ की पहाड़ी पर 35 किलो वजन के साथ पाई विजय….

वाराणसी के सिगरा क्षेत्र निवासी गुंजन अग्रवाल ने दक्षिण अमेरिका की माउंट अकोंकागुआ की 6,962 मीटर पहाड़ी पर भारतीय ध्वज लहराया। पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर होने...

समाज संघ की ओर सकारात्मक व विश्वास की दृष्टि से देखता है – डॉ. मोहन भगवत जी 0

समाज संघ की ओर सकारात्मक व विश्वास की दृष्टि से देखता है – डॉ. मोहन भगवत जी

पुणे, 2 फरवरी 2026। मोतीबाग कार्यालय में ‘समर्थ भारत’ की अद्यतन वेबसाइट के उद्घाटन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने...

पंच परिवर्तन को अपने जीवन में अपनाएं- मिथिलेश नारायण जी 0

पंच परिवर्तन को अपने जीवन में अपनाएं- मिथिलेश नारायण जी

लखनऊ : दीनदयाल बस्ती सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुन गंज में आयोजित हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ मिथिलेश नारायण जी क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं...

स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया 0

स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

प्रो फेसर राजेन्द्र सिंह, जिन्हें दुनिया आदर से ‘रज्जू भैया’ कहती है, का जीवन इस बात का ज्वलन्त प्रमाण है कि सच्बा बड़प्पन पद या प्रतिष्ठा...

"न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली,आखेट युग आ गया है"- विद्यानिवास मिश्र जी 0

“न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली,आखेट युग आ गया है”- विद्यानिवास मिश्र जी

डॉ. विद्यानिवास मिश्र “न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली/ सब होंगे आखेटक/ सब होंगे आखेट / आखेट युग आ गया है, जहाँ घर नहीं...

"योगीराज देवराह बाबा : तप, त्याग और राष्ट्रचेतना के महान संत" 0

“योगीराज देवराह बाबा : तप, त्याग और राष्ट्रचेतना के महान संत”

भारत की संत-परंपरा में योगीराज देवराह बाबा का स्थान अत्यंत विशिष्ट और अद्वितीय है। वे केवल एक योगी या तपस्वी नहीं थे, बल्कि जीवंत आध्यात्मिक चेतना...

संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश 0

संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश

1962 के भारत-चीन युद्ध को हम आज भी भूल नहीं पाते हैं। चीन ने भारत के विश्वास का कत्ल किया था। ‘हिन्दी-चीनी, भाई-भाई’ के नारे को...

वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी 0

वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी

वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी, जिसने हिन्दूत्व और भारतीय इतिहास को भाव, सत्य और तेज से जीवन्त किया। उनका...

भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा - भय्याजी जोशी 0

भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा – भय्याजी जोशी

पुणे, 22 जनवरी 2026। संस्कृत भारती पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत की ओर से आयोजित 10 संस्कृत पुस्तकों के लोकार्पण कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय...