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संघ ने 100 वर्षों में समाज को सकारात्मक दिशा दी : स्वान्तरंजन जी

संघ ने 100 वर्षों में समाज को सकारात्मक दिशा दी : स्वान्तरंजन जी

• संघ की गौरवशाली 100 वर्षों की विचार यात्रा पर अभाविप ने भव्य प्रदर्शनी का किया उद्घाटन लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ध्येय यात्रा के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अवध प्रांत द्वारा आज लखनऊ के कैसरबाग स्थित अभाविप क्षेत्रीय कार्यालय में भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।…

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अमेरिका में हिन्दू दर्शन – जन्मभूमि के मूल्यों के साथ कर्मभूमि में कार्य करें

29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैनहटन स्थित मेडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम विराट था, भव्य था, दिव्य था, अद्भुत था, अवर्णनीय था..! प्रस॔ग था, ‘एक विश्व – एक मानवता उत्सव’ (Universal Oneness Celebration)। मेडिसन स्क्वायर गार्डन के इंफोसिस थिएटर की अधिकतम आसन क्षमता 5,570 है। यह विशाल सभागार पूरा भरा हुआ था। अनेक आगंतुक/आमंत्रित…

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साढ़े तीन की चाय पर चर्चा...

साढ़े तीन की चाय पर चर्चा…

चाय के बारे में बात करें तो परमपूजनीय डॉ. हेडगेवार तो चाय को ‘संघ का अधिकृत पेय’ कहते थे। महाल स्थित डॉ. हेडगेवार भवन के रसोईघर में दोपहर साढ़े तीन बजे चाय की घंटी बजती है। उस समय कार्यालय परिसर में उपस्थित सभी जन, अतिथि, आगंतुक, निवासी प्रचारक चाय पीने के लिए एकत्रित हो जाते…

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भारत के गौरवशाली इतिहास को जानें युवा : कौशल जी

लखनऊ, 30 जुलाई । युवराष्ट्र संस्था की ओर से बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञान संस्थान के सभागार में बुधवार को कारगिल के बलिदानियों की स्मृति में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के प्रान्त प्रचारक कौशल जी ने कहा कि, भारत के गौरवशाली इतिहास के बारे में…

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अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी

अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी

भोपाल, 02 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के प्रसंग पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का देशभर में प्रवास हो रहा है। इसी श्रृंखला में दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि संघ अपने जन्म से ही लक्ष्य लेकर चल रहा है…

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अधिकारों से पहले कर्तव्य पूर्ति का भाव रखें सभी नागरिक – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

अधिकारों से पहले कर्तव्य पूर्ति का भाव रखें सभी नागरिक – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

नालागढ़, हिमाचल प्रदेश। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त 02 फरवरी को आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने संघ की सौ वर्षों की यात्रा के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन के पञ्च परिवर्तन (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और स्व भाव जागरण) पर…

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दुनिया को दिखाना होगा कि सहयोग, नैतिकता और सबको साथ लेकर चलने वाले सिस्टम से भी तरक्की सम्भव- डॉ. मोहन भागवत जी, RSS सरसंघचालक

दुनिया को दिखाना होगा कि सहयोग, नैतिकता और सबको साथ लेकर चलने वाले सिस्टम से भी तरक्की सम्भव- डॉ. मोहन भागवत जी, RSS सरसंघचालक

RSS सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर (BIEC), बेंगलुरु में IMS फाउंडेशन के सहयोग से लघु उद्योग भारती कर्नाटक द्वारा आयोजित इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो – IMS2025 के 7वें एडिशन में दौरा किया और संबोधित किया।RSS सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी कहा कि, वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव का अक्सर भारत पर सीमित असर…

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रज्जू भैया : विज्ञान-साधना से राष्ट्र-आराधना तक

रज्जू भैया : विज्ञान-साधना से राष्ट्र-आराधना तक

✍️ प्रणय विक्रम सिंह कुछ व्यक्तित्वों पर लिखना शब्दों का काम नहीं होता, श्रद्धा का काम होता है। कलम चलती अवश्य है, लेकिन लिखता हृदय है। परम पूज्य चतुर्थ सरसंघचालक प्रो. राजेन्द्र सिंह ‘रज्जू भैया’ का स्मरण भी कुछ ऐसा ही है। उनके बारे में सोचते ही मन में किसी बड़े पद की नहीं, एक…

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जीवनज्योत संघ ज्योति में एकरूप करने वाले ‘मधु भाई’

जीवनज्योत संघ ज्योति में एकरूप करने वाले ‘मधु भाई’

रमेश पतंगे मधु भाई ने एक दीप की आराधना की, वह दीप यानि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। युवावस्था में आकर्षित करने वाली असंख्य विचारधाराएं थीं, परंतु मधु भाई ने अपना चित्त संघ रूपी दीपक से ढलने नहीं दिया। गोरखनाथ ने अपने भजन की अंतिम कड़ी में कहा है – “मैं ज्योति में जोत मिलाऊं जी”। संघ…

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श्री गुरु ग्रंथ साहिब: आध्यात्मिक ज्ञान और राष्ट्रीय एकसूत्रता का महान संदेश

भारत ऋषियों, मुनियों और तपस्वियों की धरती है। यहाँ वेद, गीता, रामचरितमानस जैसे कई धार्मिक ग्रंथों की रचना हुई। विश्व के प्रमुख धर्मग्रंथों में सबसे नवीन है गुरु ग्रंथ साहिब। न केवल आकार की दृष्टि से, बल्कि सामग्री के लिहाज से भी यह एक महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें ईश्वर और मोक्ष के अलावा जीवन के…

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