‘गीता’ केवल अध्ययन का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की साधना है — डॉ. मोहन भागवत जी
लखनऊ : दिव्य गीता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि, गीता को केवल पढ़ना नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारकर जीना है। आज यह कार्यक्रम सम्पन्न अवश्य हुआ है, परन्तु हमारा कर्तव्य केवल कार्यक्रम तक सीमित नहीं हो जाता। हम सब…