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संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश

संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश

1962 के भारत-चीन युद्ध को हम आज भी भूल नहीं पाते हैं। चीन ने भारत के विश्वास का कत्ल किया था। ‘हिन्दी-चीनी, भाई-भाई’ के नारे को धुंए में उड़ाकर चीन की कम्युनिस्ट सत्ता ने भारत पर अप्रत्याशित युद्ध थोप दिया था। हमारी सेना ने यथासंभव प्रतिकार किया। चीन को नाकों चने चबाने को मजबूर कर…

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युवा अच्छा सोचें, अच्छा बोलें, अच्छा करें; यही सच्ची देशभक्ति है – रामलाल जी

युवा अच्छा सोचें, अच्छा बोलें, अच्छा करें; यही सच्ची देशभक्ति है – रामलाल जी

सागर। डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जिला सागर द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में “युवा-संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी, सागर विभाग संघचालक डॉ. गौरी शंकर चौबे, सागर जिला संघचालक डॉ. धीरेन्द्र मिश्रा एवं…

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“राष्ट्रभक्ति के दो ध्रुव: नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. हेडगेवार — दो राहें, एक लक्ष्य”

“राष्ट्रभक्ति के दो ध्रुव: नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. हेडगेवार — दो राहें, एक लक्ष्य”

दो महान विद्वान-सह-एक्टिविस्ट, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार समकालीन थे; लेकिन वे क्षेत्र और करियर के मामले में अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे थे, फिर भी उनमें भक्ति का एक ही भाव था। उनकी समानताओं को देखते हुए, एक नज़र इस तरह डाली जा सकती है – दोनों ने रामकृष्ण,…

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Shankracharya Jyanti : श्रीमदाद्यशंकराचार्य ने समरस समाज बनाने का लिया था अखिल संकल्‍प

Shankracharya Jyanti : नारियल सुपारी आम्र और कदली के वृक्षों से सुशोभित केरल के कालड़ी ग्राम में नम्बूदरी ब्राह्मण चूड़ामणि शिवगुरु व विशिष्टा देवी के यहाँ ईसा पूर्व 508 वैराख शुक्ल तृतीया को भगवान चन्द्रमौलीश्‍वर के आशीर्वाद से पुत्र पैदा हुआ।

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अमेरिका में हिन्दू दर्शन – जन्मभूमि के मूल्यों के साथ कर्मभूमि में कार्य करें

29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैनहटन स्थित मेडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम विराट था, भव्य था, दिव्य था, अद्भुत था, अवर्णनीय था..! प्रस॔ग था, ‘एक विश्व – एक मानवता उत्सव’ (Universal Oneness Celebration)। मेडिसन स्क्वायर गार्डन के इंफोसिस थिएटर की अधिकतम आसन क्षमता 5,570 है। यह विशाल सभागार पूरा भरा हुआ था। अनेक आगंतुक/आमंत्रित…

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Devavrat restored Vedic studies

“देवव्रत ने की वैदिक अध्ययन की पुनर्स्थापना”

‌महाराष्ट्र के 19 वर्षीय देवव्रत महेश ने दुनिया की सबसे प्राचीन आध्यात्मिक धरोहर मानी जाने वाली भारत की वैदिक परम्परा की एक दुर्लभ झलक पेश की‌देवव्रत ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा के 2000 मंत्रों वाले ‘दण्डकर्म पारायणम्’ का 50 दिनों तक अखण्ड और शुद्ध पारायण कर 200 वर्ष बाद वह इतिहास रच दिया।‌पीएम मोदी…

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यदि संघ शक्तिशाली होता तो देश का विभाजन नहीं होता! सुनील आम्‍बेकर के कथन का निहितार्थ

~ डॉक्टर पंकज चतुर्वेदी भारत का विभाजन सिर्फ एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, अपने समय में वह भारतीय समाज की सामूहिक चेतना को झकझोर देने वाली ऐसी त्रासदी थी, जिसने करोड़ों लोगों को विस्थापन, हिंसा और असुरक्षा की आग में झोंक दिया। वर्ष 1947 का वह दौर भारतीय इतिहास का सबसे पीड़ादायक अध्याय माना जाता…

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किताब पढ़ने से तनाव घटता है, दूसरों को समझने की क्षमता बेहतर होती है; फायदेमंद हॉर्मोन बनते हैं जो सेहत दुरुस्त रखने में मददगार

किताब पढ़ने से तनाव घटता है, दूसरों को समझने की क्षमता बेहतर होती है; फायदेमंद हॉर्मोन बनते हैं जो सेहत दुरुस्त रखने में मददगार

मोबाइल स्क्रीन के युग में दुनिया भर में लोगों का किताबों से यह रिश्ता कमजोर हो रहा है। लेकिन साइकोलॉजिकल मेडिसिन में प्रकाशित एक नई रिसर्च से पता चलता है कि मनोरंजन के लिए मनपसंद किताब पढ़ने से आपके दिमाग और सेहत पर फायदेमंद असर होते हैं। जब हम अपनी पसंद की कहानी में पूरी…

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राष्ट्रीय एकता के अनथक साधक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

राष्ट्रीय एकता के अनथक साधक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

भारतीय राजनीति के इतिहास में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम उन नेताओं में लिया जाता है जिन्होंने सत्ता से अधिक सिद्धान्तों को महत्व दिया। वे स्वतंत्र भारत के उन विरले व्यक्तित्वों में थे जिन्होंने राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक अस्मिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को अपने सार्वजनिक जीवन का आधार बनाया। शिक्षाविद्, सांसद, केंद्रीय मंत्री और…

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स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

प्रो फेसर राजेन्द्र सिंह, जिन्हें दुनिया आदर से ‘रज्जू भैया’ कहती है, का जीवन इस बात का ज्वलन्त प्रमाण है कि सच्बा बड़प्पन पद या प्रतिष्ठा में नहीं, बल्कि स्वभाव की सरलता में निहित होता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक जैसे सर्वोच्च और प्रभावशाली पद पर आसीन होने के बावजूद, रज्जू भैया का जीवन…

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