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विभाजन से पूर्व पंजाब में संघ की निर्णायक तैयारी

विभाजन से पूर्व पंजाब में संघ की निर्णायक तैयारी

कांग्रेस नेता विभाजन को स्वीकार कर लेने वाले हैं अर्थात पाकिस्तान अब बनने ही वाला है, यह जानकारी मिलते ही वसन्तराव जी तुरन्त हवाई जहाज से दिल्ली से नागपुर पहुँचे। वहाँ उन्होंने सरसंघचालक श्री गुरुजी को यह बताया। श्री गुरुजी ने कहा कि “गान्धीजी के होते हुए ऐसा नहीं हो सकता, वे विभाजन कभी स्वीकार…

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राष्ट्रीय एकता के अनथक साधक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

राष्ट्रीय एकता के अनथक साधक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

भारतीय राजनीति के इतिहास में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम उन नेताओं में लिया जाता है जिन्होंने सत्ता से अधिक सिद्धान्तों को महत्व दिया। वे स्वतंत्र भारत के उन विरले व्यक्तित्वों में थे जिन्होंने राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक अस्मिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को अपने सार्वजनिक जीवन का आधार बनाया। शिक्षाविद्, सांसद, केंद्रीय मंत्री और…

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पाञ्चजन्य द्वारा निर्मित वृत्तचित्र ‘अमिट अटल’ का हुआ भव्य प्रदर्शन

पाञ्चजन्य द्वारा निर्मित वृत्तचित्र ‘अमिट अटल’ का हुआ भव्य प्रदर्शन

नई दिल्ली, 3 जुलाई 2026। राष्ट्र भक्ति और वैचारिक पत्रकारिता के संवाहक साप्ताहिक पत्र ‘पाञ्चजन्य’ द्वारा भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के विराट व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित एक विशेष वृत्तचित्र (Documentary) ‘अमिट अटल: द अनफॉरगेटेबल अटल’ का प्रदर्शन झंडेवालान स्थित ‘विचार विनिमय न्यास सभागार’ में किया गया। कार्यक्रम…

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पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने पूरे देश को अचंभित और आनंदित किया है।

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने पूरे देश को अचंभित और आनंदित किया है।

दिसंबर 2025 और फरवरी 2026 में मुझे बंगाल जाने का अवसर मिला था। वहाँ अधिकांश लोग परिवर्तन की इच्छा तो रखते थे, किंतु यह परिवर्तन वास्तव में संभव हो सकेगा, ऐसा विश्वास बहुत कम लोगों को था। परिस्थितियाँ भी ऐसी थीं कि परिवर्तन किसी चमत्कार से कम नहीं लगता था। निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान के…

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हवन-तीर्थ-कीर्तन-दर्शन के चार पहियों पर हिन्दू धर्म की बैलगाड़ी चलती है और चलती रहेगी निरन्तर

हवन-तीर्थ-कीर्तन-दर्शन के चार पहियों पर हिन्दू धर्म की बैलगाड़ी चलती है और चलती रहेगी निरन्तर

यह स्थापना हिन्दी के प्रख्यात ललित निबन्धकार आचार्य कुबेरनाथ राय की भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी आस्था और उनकी मौलिक चिन्तन-दृष्टि को प्रकट करती है। भारतीयता, सनातन धर्म, लोकजीवन और विश्वबन्धुत्व जैसे विषयों पर उन्होंने अपने निबन्धों के माध्यम से गम्भीर तथा ललित भाष्य प्रस्तुत किए। हिन्दी साहित्य की आधुनिक विधा ललित निबन्ध को समृद्ध…

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एक हजार साल पुरानी है भोजशाला

एक हजार साल पुरानी है भोजशाला

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार में मौजूद भोजशाला विवाद एक बार फिर चर्चा में है। इतिहास के पन्नों को पलटने पर पता चलता है कि साल 1034 में राजा भोज के शासनकाल में धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला की स्थापना हुई थी। एक हजार साल पुराने इस ऐतिहासिक स्थल को हाईकोर्ट ने वाग्देवी मंदिर परिसर करार…

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अजेय अस्मिता का अंगार: झुकती दुनिया में 'प्रताप' होने का अर्थ

अजेय अस्मिता का अंगार: झुकती दुनिया में ‘प्रताप’ होने का अर्थ

जब स्वाधीनता ने स्वयं को मानवीय स्वरूप में प्रकट करना चाहा, जब समता और समन्वय ने ‘योद्धा’ के रूप में खुद को ढालने की आरजू की, जब ‘वीरता और वैराग्य’ ने संयुक्त रूप से प्रस्फुटित होने का संकल्प लिया तब 09 मई 1540 को कुंभलगढ़ के किले में महाराणा प्रताप नामक आलोक का उदय हुआ।…

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वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी

वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी

वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी, जिसने हिन्दूत्व और भारतीय इतिहास को भाव, सत्य और तेज से जीवन्त किया। उनका सम्पादन राष्ट्रबोध की साधना था जहाँ साहित्य, पत्रकारिता और स्वाधीनता का स्वर एक होकर बोलता था।24 जनवरी, 1914 को यूपी के हरदोई के संडीला में श्री महावीर प्रसाद त्रिपाठी…

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