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पितृपक्ष का पालन किसे और क्यों करना चाहिए?

पितृपक्ष का पालन किसे और क्यों करना चाहिए?

पितृपक्ष को लेकर अक्सर यह भ्रम रहता है कि इसका पालन केवल हिन्दी भाषी हिन्दू ही करते हैं, जबकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सभी हिन्दुओं के लिये यह पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण समय है। हिन्दी, तमिल, तेलुगु, गुजराती समेत विभिन्न क्षेत्रों और भाषाओं के लोग पितृपक्ष में अपने पितरों…

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धर्म जीवन के प्रारम्भ से अन्त तक साथ रहने वाला शाश्वत तत्व है : डॉ. मोहन राव भागवत

उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी अवन्तिका उज्जयिनी में आयोजित युवा धर्म संसद के उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने धर्म को जीवन के प्रत्येक पक्ष को दिशा देने वाला शाश्वत तत्व बताते हुए कहा कि धर्म केवल वृद्धावस्था में पढ़ने या समझने का विषय नहीं है, बल्कि मनुष्य…

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‘हनुमान अंश’ की दहाड़

‘हनुमान अंश’ की दहाड़

इस समय सारे देश में फिल्म ‘हनुमान अंश’ की चर्चा है। कल शुक्रवार को इस मूवी ने चार सप्ताह पूरे किए और एक ऐसा इतिहास रच दिया कि सारे फिल्मी पंडित भौचक होकर देखते रह गए..! अनेकों के लिए यह सफलता महज आश्चर्य है। अनेक लोग इस फिल्म की तुलना 1975 में प्रदर्शित हुई ‘जय…

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पाण्डवों को कलियुग पर प्रबोधन

पाण्डवों को कलियुग पर प्रबोधन

श्रीकृष्ण कहते हैं- ’तुम पाँचों भाई वन में जाओ और जो कुछ भी दिखे वह आकर मुझे बताओ। मैं तुम्हें उसका प्रभाव बताऊँगा।’ पाँचों भाई वन में गये। युधिष्ठिर महाराज ने देखा कि किसी हाथी की दो सूँड है। यह देखकर आश्चर्य का पार न रहा। अर्जुन दूसरी दिशा में गये। वहाँ उन्होंने देखा कि…

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‘गणपति संगठन के देवता हैं’ : डॉ. मोहन राव भागवत

‘गणपति संगठन के देवता हैं’ : डॉ. मोहन राव भागवत

नागपुर। प्रसिद्ध टेकड़ी गणपति मंदिर के गर्भगृह के लोकार्पण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक ने गणपति के आध्यात्मिक एवं सामाजिक स्वरूप की विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने कहा कि गणपति गणनायक हैं और संगठन के देवता हैं। उनके भीतर संगठन की प्रचंड शक्ति एकत्रित है। वे सुखकर्ता, दुःखहर्ता और सभी विघ्न-बाधाओं का नाश…

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आस्था को लांछित करने का कुचक्र

आस्था को लांछित करने का कुचक्र

आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण पीठाधीश्वर, सिद्धपीठ श्रीहनुमन्निवास, अयोध्याrasikopasna@gmail.com                   संस्कृतियाँ स्मृतियों से अपना परिष्कार करती हैं। ये स्मृतियाँ अनुभवों के साथ चलती हैं। संकल्प के-सिद्धि के, संघर्ष के-सफलता के अगणित कथानक मनुष्यता के स्मृति-कोष में अनादि काल से संरक्षित हैं। हमारी आस्था इन्हीं स्मृतियों से जीवनी शक्ति प्राप्त करती है। मनुष्यता के विरुद्ध चला आता अमानवीय संघर्ष…

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महर्षि सिंगारु का त्याग

भगवान राम का तिल दान

लंकाधीश, असुरपति रावण को मारने के बाद भगवान राम लंका से अयोध्या वापिस लौटकर आए। महर्षि वसिष्ठ ने राम को सुझाव दिया कि वे किसी व्यक्ति को तिल का दान दें, क्योंकि उन्होंने रावण के साथ युद्ध में सैकडों व्यक्तियों को मारा था। तिल दान में लेने वाले व्यक्ति को चूंकि दान के परिणामों को…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य

श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केन्द्र बना है। अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और…

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टेक्नोफ्रेंडली संत... सामने लैपटॉप, जिक्र में इकबाल-अज्ञेय और कहानियां हैरी पॉटर की

टेक्नोफ्रेंडली संत… सामने लैपटॉप, जिक्र में इकबाल-अज्ञेय और कहानियां हैरी पॉटर की

आंखन देखी अयोध्या… नौंवी कहानी अयोध्या के टेक्नोफ्रेंडली संत, सामने लैपटॉप, जिक्र में इकबाल-अज्ञेय और कहानियां हैरी पॉटर की आचार्य मिथिलेशनन्दिनी रामलला के 21 युवा पुजारियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं उपमिता वाजपेयी, अयोध्या। जाकी सहज स्वास श्रुति चारी। सो हरि पढ़ यह कौतुक भारी।बिद्या बिनय निपुन गुन सीला। खेलहिंखेल सकल नृपलीला। मतलब, चारों वेद…

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देवरहा बाबा कौन थे? जानिए उनकी रहस्यमयी आयु, सिद्धियां और चमत्कारों की पूरी कहानी

देवरहा बाबा कौन थे? जानिए उनकी रहस्यमयी आयु, सिद्धियां और चमत्कारों की पूरी कहानी

भारतीय हिंदू परंपरा में सदियों से ही ऋषि-मुनियों और साधु-संतों की परंपरा रही है. लेकिन साधु-संतों के चमत्कारों और लीलाओं को समझना आसान नहीं है. सिद्ध योग क्रिया से साधु-संतों ने दिव्य शक्तियां पाई और अद्भुत चमत्कार दिखाए. सिद्ध योग क्रिया से कोई ठंड में निर्वस्त्र रहता है, कोई केवल टाट पहनकर रहता है, कोई…

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