सेवा कार्य में समाज को भी सक्रिय सहभागी होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी
पुणे, १६ अप्रैल २०२६।नांदोशी में ‘लता-आशा मंगेशकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस’ के भूमि पूजन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने...
संघ का ध्येय सज्जन शक्ति से युक्त, संगठित, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहित में समर्पित समाज का निर्माण करना है – रामलाल जी
रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त प्रमुख जन गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। गोष्ठी में अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी मुख्य...
देश का युवा जागरूक, संस्कारित और संगठित होता है, तो देश वैभव के शिखर पर पहुंचता है – अतुल लिमये जी
गोरक्ष। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर महानगर दक्षिण भाग ने संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर युवा संवाद कार्यक्रम का...
समाज और राष्ट्र में सत्यम, शिवम और सुंदरम की स्थापना करना ही संघ का उद्देश्य – डॉ. मोहन भागवत जी
नागपुर महानगर के घोष पथक के इतिहास पर आधारित हस्तलिखित ग्रंथ ‘राष्ट्र स्वराधना’ का लोकार्पण नागपुर। रेशीमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृतिमंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में...
संघ के स्वयंसेवक विकट परिस्थिति में भी बिना नाम, यश की चिंता किए सेवा करते हैं – आलोक कुमार जी
पंच परिवर्तन – पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है पटना, 8 अप्रैल, 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह आलोक...
आश्रमों में जीवन को दीप जैसा बनाया जाता है जो खुद जलकर सबको प्रकाशित करता है – डॉ. मोहन भागवत जी
वृन्दावन (मथुरा)। जीवन दीप आश्रम वृन्दावन के लोकार्पण समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि आश्रम केवल पेट भरने...
देश में राष्ट्र प्रथम का भाव एवं पंच परिवर्तन का स्वभाव बने: प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह
लखनऊ : अवध प्रान्त के प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह एवं सह प्रांत कार्यवाह संजय सिंह ने समालखा हरियाणा में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के...
संघ के विस्तार का अर्थ राष्ट्रीय विचार का विस्तार – दत्तात्रेय होसबाले जी, सरकार्यवाह
देश के नागरिकों का औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होना आवश्यक; भारतीय विमर्श समस्त विश्व के कल्याण का विचार समालखा (पानीपत), 15 मार्च 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ...
समाज, संस्कृति, संस्कार, नैतिकता और श्रेष्ठ आचरण संघ कार्य का मूल आधार – डॉ. मोहन भागवत जी
चरित्र से मजबूत होता है राष्ट्र, संघ मूल्य आधारित संगठन – ले. जनरल (सेवानिवृत्त) बी.एस. जायसवाल जी कुरुक्षेत्र – 28 फरवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के...
भारत का सर्वांगीण विकास समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव – डॉ. मोहन भागवत जी
लुधियाना, 26 फरवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी तीन दिवसीय पंजाब प्रवास के अंर्तगत आज लुधियाना पहुंचे। उन्होंने श्री अरविंदो कॉलेज...
