Shri Ramanujacharya Jayanti : समरसता के दार्शनिक श्रीरामानुजाचार्य
चौदहवीं शताब्दी से उत्तर भारत में प्रकट हुई भक्ति की पवित्र मन्दाकिनी का स्रोत रामानुजाचार्य और उनके विशिष्टाद्वैतवाद का दर्शन है।
Shankracharya Jyanti : श्रीमदाद्यशंकराचार्य ने समरस समाज बनाने का लिया था अखिल संकल्प
Shankracharya Jyanti : नारियल सुपारी आम्र और कदली के वृक्षों से सुशोभित केरल के कालड़ी ग्राम में नम्बूदरी ब्राह्मण चूड़ामणि शिवगुरु व विशिष्टा देवी के यहाँ ईसा पूर्व 508 वैराख शुक्ल तृतीया को भगवान चन्द्रमौलीश्वर के आशीर्वाद से पुत्र पैदा हुआ।
