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भारत भूमि के योद्धा-संन्यासी, महान विचारक : स्वामी विवेकानन्द

भारत भूमि के योद्धा-संन्यासी, महान विचारक : स्वामी विवेकानन्द

भारत, प्राचीन काल से ही सम्पूर्ण विश्व के लिए एक अलौकिक पुण्यभूमि रहा है, जहाँ ऋषि-मुनियों, महापुरुषों, वैज्ञानिकों, विचारकों और समाज सुधारकों ने जन्म लेकर न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को जीवन का मार्ग दिखाया। आधुनिक युग में ऐसे ही विलक्षण संन्यासी थे स्वामी विवेकानन्द, जिनका जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ।…

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“स्वराज्य की जननी: जीजाबाई”

“स्वराज्य की जननी: जीजाबाई”

“महिलाओं के कारण ही पुरुषों का अस्तित्व एवं उत्थान सम्भव है। जीजाबाई से शिवाजी, कुन्ती से पाण्डव और कौशल्या से राम का अस्तित्व था।“ ये बात 9 नवम्बर 2025 को PES यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने संघ के १०० साल (नए क्षितिज) 2 दिवसीय विशेष व्याख्यानमाला के…

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संघ और डॉक्टर साहब समानार्थक शब्द हैं – डॉ. मोहन भागवत जी

संघ और डॉक्टर साहब समानार्थक शब्द हैं – डॉ. मोहन भागवत जी

‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष – शतक’ के गीतों का लोकार्पण नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने केशव कुंज, झंडेवालान में आयोजित कार्यक्रम में ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष – शतक’ फिल्म के दो गीतों ‘भारत मां के बच्चे, तथा ‘भगवा है मेरी पहचान’…

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भारत में जन्म लेना हमारा सौभाग्य है – शांताक्का जी

भारत में जन्म लेना हमारा सौभाग्य है – शांताक्का जी

सशक्त समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव होता है – लेफ्टिनेंट कर्नल हिमांशी सिंह जी जबलपुर। राष्ट्र सेविका समिति जबलपुर महानगर द्वारा महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल मैदान पर मकर संक्रांति उत्सव एवं शाखा संगम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेविकाओं के साथ-साथ नगर के गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रही। मुख्य वक्ता राष्ट्र सेविका…

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विचारधारा के नाम पर भारत विरोध, अराजकता व हिंसा का अभियान

विचारधारा के नाम पर भारत विरोध, अराजकता व हिंसा का अभियान

समाज और राष्ट्र को तोड़ने के लिए विश्‍वविद्यालयों (शिक्षा के मंदिरों) का उपयोग न हो 1983 में तो हालात इतने बेकाबू हो गए थे कि पूरे एक वर्ष के लिए विश्वविद्यालय को बंद करना पड़ा था। उस समय न तो किसी गैर वामपंथी सरकार का दबाव था और न ही किसी वैकल्पिक विचारधारा का प्रभाव। जवाहरलाल…

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डीन कहते हैं-तुम हिंदू हो, AMU में नहीं पढ़ा सकती, BHU में जाकर पढ़ाओ : प्रोफेसर

डीन कहते हैं-तुम हिंदू हो, AMU में नहीं पढ़ा सकती, BHU में जाकर पढ़ाओ : प्रोफेसर

राजनीतिविभाग की प्रो. रचना का आरोप- 27 साल से उत्पीड़न झेल रही.. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में नया विवाद सामने आया है। यहां राजनीति विज्ञान विभाग की सीनियर प्रोफेसर रचना कौशल ने आरोप लगाया कि वे 27 सालों से सिर्फ हिंदू होने की वजह से उत्पीड़न झेल रही हैं। सारी तकलीफें सहकर काम करती रहीं।…

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वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत की बढ़ेगी ग्रोथ गति

वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत की बढ़ेगी ग्रोथ गति

*वित्त वर्ष 2025-26 में 6.5% की विकास दर का था अनुमान.. *मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर भरेंगे ऊंची उड़ान… भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से भाग रही है. 7 जनवरी को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था पिछले वित्त वर्ष के 6.5% की तुलना में 7.4% की दर से बढ़ने का…

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यूपी की मतदाता सूची से 18.71% नाम कटे

यूपी की मतदाता सूची से 18.71% नाम कटे

एसआईआर : 2.89 करोड़ नाम बाहर, एक करोड़ से दस्तावेज मांगे गए. लखनऊ- यूपी की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में 2.89 करोड़ (18.71%) मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। राज्य में 15.44 करोड़ वोटर थे, जो अब 12.55 करोड़ रह गए हैं। दावे-आपत्तियां छह फरवरी तक दर्ज हो सकेंगे राज्य के…

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भारत की विकास की अवधारणा आत्मकेंद्रित नहीं, बल्कि समाज केंद्रित रही है - डॉ. कृष्णगोपाल जी

भारत की विकास की अवधारणा आत्मकेंद्रित नहीं, बल्कि समाज केंद्रित रही है – डॉ. कृष्णगोपाल जी

जयपुर, 02 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने कहा कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक समृद्धि नहीं है। वास्तविक विकास वही है, जिसमें मनुष्य, समाज, परिवार और प्रकृति का संतुलित उत्थान हो। भारत की विकास की अवधारणा आत्मकेंद्रित नहीं, बल्कि समाज केंद्रित रही है और आज के वैश्विक परिदृश्य…

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अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी

अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी

भोपाल, 02 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के प्रसंग पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का देशभर में प्रवास हो रहा है। इसी श्रृंखला में दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि संघ अपने जन्म से ही लक्ष्य लेकर चल रहा है…

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