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पंच परिवर्तन को अपने जीवन में अपनाएं- मिथिलेश नारायण जी

पंच परिवर्तन को अपने जीवन में अपनाएं- मिथिलेश नारायण जी

लखनऊ : दीनदयाल बस्ती सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुन गंज में आयोजित हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ मिथिलेश नारायण जी क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं स्वामी अपरिमेय श्याम दास जी अध्यक्ष इस्कॉन मंदिर लखनऊ, स्वामी सुधीरानंद जी महाराज प्रसिद्ध श्रीराम कथा वाचक काशी धाम द्वारा हुआ। जिसमें कार्यक्रम अध्यक्ष रिटायर्ड उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति राघवेंद्र…

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कौसानी है भारत का शांत स्विट्‌जरलैंड

कौसानी है भारत का शांत स्विट्‌जरलैंड

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में समुद्र तल से लगभग 1890 मीटर की ऊँचाई पर बसा में #कौसानी भारत के सबसे खूबसूरत और शांत हिल स्टेशनों में से एक है। इसे महात्मा गांधी ने #स्विट्जरलैंड_ऑफ_इंडिया कहा था, क्योंकि यहाँ से हिमालय की बर्फीली चोटियाँ इतनी निकट और स्पष्ट दिखाई देती कि लगता है जैसे हाथ बढ़ाकर…

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स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

प्रो फेसर राजेन्द्र सिंह, जिन्हें दुनिया आदर से ‘रज्जू भैया’ कहती है, का जीवन इस बात का ज्वलन्त प्रमाण है कि सच्बा बड़प्पन पद या प्रतिष्ठा में नहीं, बल्कि स्वभाव की सरलता में निहित होता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक जैसे सर्वोच्च और प्रभावशाली पद पर आसीन होने के बावजूद, रज्जू भैया का जीवन…

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"न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली,आखेट युग आ गया है"- विद्यानिवास मिश्र जी

“न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली,आखेट युग आ गया है”- विद्यानिवास मिश्र जी

डॉ. विद्यानिवास मिश्र “न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली/ सब होंगे आखेटक/ सब होंगे आखेट / आखेट युग आ गया है, जहाँ घर नहीं होते।” ये कहना था विद्यानिवास मिश्र जी का क्योंकि मिश्र जी ऐसे लेखक थे जो आज के मनुष्य की त्रासदी के बारे में दो टूक कहने से भी नहीं…

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"योगीराज देवराह बाबा : तप, त्याग और राष्ट्रचेतना के महान संत"

“योगीराज देवराह बाबा : तप, त्याग और राष्ट्रचेतना के महान संत”

भारत की संत-परंपरा में योगीराज देवराह बाबा का स्थान अत्यंत विशिष्ट और अद्वितीय है। वे केवल एक योगी या तपस्वी नहीं थे, बल्कि जीवंत आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक थे। उनका जीवन रहस्य, तप, करुणा और राष्ट्रकल्याण की भावना से ओत-प्रोत था। देवराह बाबा के जन्म की कोई प्रामाणिक तिथि उपलब्ध नहीं है, किंतु परंपरागत मान्यताओं…

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संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश

संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश

1962 के भारत-चीन युद्ध को हम आज भी भूल नहीं पाते हैं। चीन ने भारत के विश्वास का कत्ल किया था। ‘हिन्दी-चीनी, भाई-भाई’ के नारे को धुंए में उड़ाकर चीन की कम्युनिस्ट सत्ता ने भारत पर अप्रत्याशित युद्ध थोप दिया था। हमारी सेना ने यथासंभव प्रतिकार किया। चीन को नाकों चने चबाने को मजबूर कर…

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वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी

वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी

वचनेश त्रिपाठी की लेखनी केवल शब्द नहीं, क्रान्ति की जलती मशाल थी, जिसने हिन्दूत्व और भारतीय इतिहास को भाव, सत्य और तेज से जीवन्त किया। उनका सम्पादन राष्ट्रबोध की साधना था जहाँ साहित्य, पत्रकारिता और स्वाधीनता का स्वर एक होकर बोलता था।24 जनवरी, 1914 को यूपी के हरदोई के संडीला में श्री महावीर प्रसाद त्रिपाठी…

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भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा - भय्याजी जोशी

भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा – भय्याजी जोशी

पुणे, 22 जनवरी 2026। संस्कृत भारती पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत की ओर से आयोजित 10 संस्कृत पुस्तकों के लोकार्पण कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत में कोई भी भाषा संस्कृत के बिना नहीं है। इसलिए, भारतीय दर्शन, विज्ञान, विचार और जीवन मूल्यों को समझने के लिए…

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धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है – डॉ. मोहन भागवत जी

धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है – डॉ. मोहन भागवत जी

ग्रंथ, शास्त्र और संतों की वाणी हमारी समझ और सामर्थ्य को बढ़ाते हैं – आचार्य महाश्रमण जी नागौर, 22 जनवरी 2026। जिले के छोटी खाटू कस्बे में 162वें मर्यादा महोत्सव के अवसर पर विशाल व भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। आचार्य महाश्रमण के पावन सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन…

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गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी

गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी

मुंबई, 21 जनवरी 2026। प्राचार्य बी. एन. वैद्य सभागार, दादर पूर्व में तत्वचिंतक और संगठक, अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक श्रद्धेय स्व. डॉ. अशोकराव मोडक की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि “प्राध्यापकों का आदर्श व्यक्तित्व कैसा होना चाहिए, इसका जीवंत…

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