Category: आपके लेख

राणा_सांगा के समाधि स्थल की दुर्दशा

राणा सांगा (राणा संग्राम सिंह) (शासन 1509-1528) उदयपुर के राजा थे तथा राणा रायमल के सबसे छोटे पुत्र थे। राणा सांगा का पूरा नाम महाराणा संग्रामसिंह था। राणा सांगा ने…

क्रान्तिकारी : रानी अवन्तीबाई लोधी

मध्य प्रदेश के रामगढ़ राज्य की रानी अवन्तीबाई लोधी ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। रानी अवन्तीबाई के पिता राव जुझार सिंह 187 गाँवों के…

युग प्रवर्तक स्वतंत्रता सेनानी डॉ. हेडगेवार

वतंत्रता संग्राम के अग्रणी योद्धा डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जन्मजात स्वतंत्रता सेनानी थे। बाल्यकाल से लेकर जीवन के अन्तिम श्वास तक देश की स्वतंत्रता के लिये संघर्षरत रहे डॉक्टर हेडगेवार…

वर्ष प्रतिपदा : एक खगोलीय-सांस्कृतिक पर्व

पयोदकान्त मिश्र भारतीय नववर्ष और पंचांग का प्रथम दिवस अर्थात चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही ‘वर्ष प्रतिपदा’ है। ब्रह्मपुराण के अनुसार इसी दिन सूर्योदय काल में भगवान ब्रह्मा ने ‘सृष्टि की…

क्या आप जानते हैं की छत्रपति संभाजी महाराज की मृत्यु का बदला कैसे लिया गया और किसने लिया ?

छत्रपति संभाजी की हत्या के बाद औरंगजेब के सेनापति जुल्फिकार खान ने रायगढ़ पर कब्जा कर छत्रपति संभाजी की पत्नी येसु बाई और उनके पुत्र को भी कैद कर लिया…

जब श्रीगुरुजी को माँ भगवती के प्रत्यक्ष साक्षात्कार हुए

पूजनीय गुरुजी को साक्षात्कार हुआ था या नहीं इस सम्बन्ध में महाराष्ट्र के एक सन्त श्री दत्ता ने अपनी श्रद्धांजलि सभा में कहा- मेरे व्याख्यानों का कार्यक्रम जब नागपुर में…

सनातन संस्कृति में संस्कारों का महत्व

सनातन संस्कृति में संस्कारों का बड़ा महत्व है। संस्कारों की सम्पन्नता से शारीरिक, मानसिक आदि सभी परिशुद्धियाँ (पूर्ण शुद्धि) होती हैं। मानव जीवन को शुद्ध करने की चरणबद्ध प्रक्रिया का…

‘द केरल स्टोरी-2’: समाज की छिपी परतों को उजागर करती फिल्म

‘जो ताकत मुहब्बत में है, वो बारूद में नहीं। काफिर लड़की सिर्फ एक लड़की नहीं होती है, वह एक पोटेंशियल फैमिली ट्री होती है, उसे वहाँ से तोड़कर, अपने साथ…

परिवर्तनशील समाज में ‘कुटुम्ब व्यवस्था’

भारत एक ऐसा देश है जहाँ परिवार केवल सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि जीवन का मूलाधार है। भारतीय समाज की आत्मा कुटुम्ब व्यवस्था है, जो व्यक्ति को पहचान, सुरक्षा, संस्कार और…