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जब डराने वाले ही डर गए थे

जब डराने वाले ही डर गए थे

1946 के सैन्य विद्रोह से कांप गई ब्रिटिश सत्ता 80 वर्ष पूर्व 1946 में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध हुआ सैन्य विद्रोह स्वाधीनता संग्राम का अंतिम युद्ध माना जाता है। सेना व पुलिस के बल पर ही अंग्रेज शासन करते थे और उनके बल पर ही 1857 के सशस्त्र स्वाधीनता संग्राम, 1920-22 के असहयोग आंदोलन एवं…

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स्वातंत्र्यवीर सावरकर: एक समग्र मूल्यांकन

स्वातंत्र्यवीर सावरकर: एक समग्र मूल्यांकन

विनायक दामोदर सावरकर प्रखर चिंतक, गहन अध्येता, सत्यान्वेषी इतिहासकार, भावप्रवण कवि, सेवाभावी समाज सुधारक और महान स्वतंत्रता-सेनानी थे। उनका कोई भी रूप अन्य किसी रूप से कमतर नहीं था। संपूर्ण स्वतंत्रता-आंदोलन में सावरकर जैसी प्रखरता, तार्किकता एवं तेजस्विता अन्यत्र कम ही दिखाई पड़ती है। महापुरुष कभी मरते नहीं। वे हमारी स्मृतियों, प्रेरणाओं, आचरणों और आदर्शों…

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'अहम् पितरं सुवे' 'अहं सुवे पितरम्'

‘अहम् पितरं सुवे’ ‘अहं सुवे पितरम्’

ऋग्वेद दशम मण्डल ‘देवी-सूक्त’ में यह स्वयं देवी का वचन है। पितृ तत्व नित्य है। यह कोई अनुपस्थित की क्षणिक उपस्थिति नहीं है। यह अस्तित्व के बाद का काव्यात्मक या भावात्मक नैरन्तर्य नहीं यह नित्य उपास्य प्राण का ही स्वरूप है। भारतीय उत्सवजीविता उत्सवधर्मिता, इसको जरा डूब कर देखें। पितृपक्ष हो या सर्वपितृ अमावस्या यह…

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Pahalgam Terror Attack : हिन्दुओं पर आतंक की कुदृष्टि

आतंकियों को कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी जब ऐसा प्रतीत होने लगा कि कश्मीर आतंकवाद के साए से निकलकर विकास और शांति के पथ पर आगे बढ़ रहा है तब ही पाकिस्तान ने अपने आतंकी संगठनों और कश्मीर में अपने बचे खुचे स्लीपर सेल की सहायता से एक बार फिर आतंक का नंगा नाच…

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(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्वतंत्र स्तंभकार है।)

राष्ट्र चेतना, सांस्कृतिक गौरव एवं हिन्दुत्व चिंतन की प्रधानता है सावरकर जी के लेखन में

स्वातंत्र्यवीर विनायक सावरकर का पूरा जीवन राष्ट्र चेतना और सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिये समर्पित रहा। बालवय से जीवन की अंतिम श्वाँस तक वे कभी रुके नहीं और न कहीं झुके। उनका अभियान केवल स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित नहीं था। उनका लक्ष्य एक ऐसे सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण करना था जैसा अतीत…

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डॉ. हेडगेवार जी के जीवन में संघ कार्य और राष्ट्र कार्य के अतिरिक्त कोई दूसरा विषय नहीं था – डॉ. मोहन भागवत जी

डॉ. हेडगेवार जी के जीवन में संघ कार्य और राष्ट्र कार्य के अतिरिक्त कोई दूसरा विषय नहीं था – डॉ. मोहन भागवत जी

डॉ. हेडगेवार निवास पर आधारित विशेष आवरण, सूचना पुस्तिका का लोकार्पण नागपुर, 31 जुलाई 2026। भारतीय डाक विभाग, नागपुर द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के ऐतिहासिक निवास “डॉ. हेडगेवार निवास, नागपुर” पर आधारित विशेष आवरण (Special Cover), सूचना पुस्तिका (Brochure) तथा स्थायी सचित्र डाक मुहर (Permanent Pictorial Cancellation) का लोकार्पण…

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सच्ची भक्ति का फल – कुएं में भगवान के दर्शन करते हुए भक्त की प्रेरणादायक धार्मिक कथा

सच्ची भक्ति का फल: ईश्वर के दर्शन की प्रेरणादायक कहानी

सच्ची भक्ति का फल: ईश्वर के दर्शन की प्रेरणादायक कहानी मनुष्य के जीवन में सच्ची भक्ति का फल केवल सांसारिक सुख प्राप्त करना नहीं होता, बल्कि आत्मिक शांति, ईश्वर का सान्निध्य और जीवन का वास्तविक उद्देश्य प्राप्त करना होता है। इतिहास, पुराण और संत साहित्य ऐसे अनेक प्रसंगों से भरे पड़े हैं, जो बताते हैं…

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मधुभाई का जीवन कार्यकर्ताओं के लिए दीपस्तम्भ के समान – दत्तात्रेय होसबाले जी

मधुभाई का जीवन कार्यकर्ताओं के लिए दीपस्तम्भ के समान – दत्तात्रेय होसबाले जी

संघ के ज्येष्ठ प्रचारक मधुभाई कुलकर्णी जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा छत्रपति संभाजीनगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक मधुभाई (माधव) विनायक कुलकर्णी जी की स्मृति में एम.आई.टी. कॉलेज के ‘मंथन हॉल’ में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने मधुभाई के साथ…

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Ram Mandir Pran Pratishtha : प्रतिष्ठित हो गया अयोध्‍या में भगवान श्रीराम का ‘दरबार’

Ram Mandir Pran Pratishtha : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लिया।

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भारत भूमि के योद्धा-संन्यासी, महान विचारक : स्वामी विवेकानन्द

भारत भूमि के योद्धा-संन्यासी, महान विचारक : स्वामी विवेकानन्द

भारत, प्राचीन काल से ही सम्पूर्ण विश्व के लिए एक अलौकिक पुण्यभूमि रहा है, जहाँ ऋषि-मुनियों, महापुरुषों, वैज्ञानिकों, विचारकों और समाज सुधारकों ने जन्म लेकर न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को जीवन का मार्ग दिखाया। आधुनिक युग में ऐसे ही विलक्षण संन्यासी थे स्वामी विवेकानन्द, जिनका जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ।…

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