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स्वदेशी ऊर्जा की ओर बढ़ता भारत: रूफटॉप सोलर में लखनऊ बना देश का नंबर 1 शहर

लखनऊ, उत्तर प्रदेश स्वदेशी ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए लखनऊ देश का नंबर 1 शहर बन गया है, जहां रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की संख्या 87,000 के पार पहुंच चुकी है। यह उपलब्धि न केवल शहर के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा की…

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भारत का सर्वांगीण विकास समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

भारत का सर्वांगीण विकास समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

लुधियाना, 26 फरवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी तीन दिवसीय पंजाब प्रवास के अंर्तगत आज लुधियाना पहुंचे। उन्होंने श्री अरविंदो कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट (SACCM) के ऑडिटोरियम में आयोजित गोष्ठी में प्रमुख नागरिकों के समूह के साथ संवाद किया। पंजाब प्रदेश से विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 800 प्रमुख नागरिकों…

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16 अक्टूबर 1905: बंगाल का विभाजन और उसका असर

16 अक्टूबर 1905: बंगाल का विभाजन और उसका असर

‌ आज भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना की वर्षगांठ है – ‘बंगाल का विभाजन।‘ 16 अक्टूबर 1905 को भारत के सबसे बड़े और घने आबादी वाले प्रान्त बंगाल को ब्रिटिश शासन ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए दो भागों में बाँट दिया था। किन्तु इतिहासकारों ने इसका वास्तविक उद्देश्य बंगाल में उभरते राष्ट्रवादी…

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ऑपरेशन सिंंदूर और उसका वैश्विक परिप्रेक्ष्य

कौस्तुभ नारायण मिश्र पाकिस्तान पर्दा रहित है और बेपर्दा तो पहले ही वैश्विक क्षितिज पर हो चुका है। असली चलचित्र वैश्विक शक्ति असंतुलन का है; पटकथा लेखक तथा निर्देशक हैं, भारत के वर्तमान प्रधानमन्त्री। वर्ष 2014 के बाद से भारतीय प्रधानमन्त्री ने एक-एक करके वैश्विक ताकतों को अपने भारत की सच्चाई एवं ताकत का किसी…

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काशी की यात्रा अंतस की गहराइयों में उतरने वाला अनुभव

काशी की यात्रा अंतस की गहराइयों में उतरने वाला अनुभव

धर्म, अध्यात्म और ज्ञान रूपी त्रिवेणी की प्रवाहिका काशी की यात्रा केवल एक भौगोलिक भ्रमण नहीं अपितु अंतस की गहराइयों में उतरने वाला अनुभव है। काशी जिसे वाराणसी, बनारस, आनंदवन इत्यादि कई नामों से अभिहित किया जाता है, भारत की धार्मिक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक तथा – विश्व की प्राचीनतम जीवित नगरियों में अग्रगण्य यह नगरी…

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अस्सी घाट की गंगा आरती भी कराएगा विश्वनाथ मंदिर प्रशासन

अस्सी घाट की गंगा आरती भी कराएगा विश्वनाथ मंदिर प्रशासन

गंगा आरती की समितियों ने कहा-लिखित में कोई प्रस्ताव नहीं, पीएम मोदी तक भी उठाएंगे ये मुद्दा वाराणसी। अस्सी घाट की गंगा आरती की भी जिम्मेदारी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन को देने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां भी नमो घाट और ललिता घाट की तर्ज पर वैतनिक अर्चकों से ही गंगा आरती कराने…

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"न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली,आखेट युग आ गया है"- विद्यानिवास मिश्र जी

“न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली,आखेट युग आ गया है”- विद्यानिवास मिश्र जी

डॉ. विद्यानिवास मिश्र “न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली/ सब होंगे आखेटक/ सब होंगे आखेट / आखेट युग आ गया है, जहाँ घर नहीं होते।” ये कहना था विद्यानिवास मिश्र जी का क्योंकि मिश्र जी ऐसे लेखक थे जो आज के मनुष्य की त्रासदी के बारे में दो टूक कहने से भी नहीं…

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"योगीराज देवराह बाबा : तप, त्याग और राष्ट्रचेतना के महान संत"

“योगीराज देवराह बाबा : तप, त्याग और राष्ट्रचेतना के महान संत”

भारत की संत-परंपरा में योगीराज देवराह बाबा का स्थान अत्यंत विशिष्ट और अद्वितीय है। वे केवल एक योगी या तपस्वी नहीं थे, बल्कि जीवंत आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक थे। उनका जीवन रहस्य, तप, करुणा और राष्ट्रकल्याण की भावना से ओत-प्रोत था। देवराह बाबा के जन्म की कोई प्रामाणिक तिथि उपलब्ध नहीं है, किंतु परंपरागत मान्यताओं…

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युग-ऋषि, महंत अवेद्यनाथ: समरसता के महानाद और सनातन के संबल

युग-ऋषि, महंत अवेद्यनाथ: समरसता के महानाद और सनातन के संबल

​काल के अनंत प्रवाह में कुछ महापुरुषों का जीवन किसी एकांत निर्जन में ठहरा हुआ सरोवर नहीं होता, बल्कि वह पर्वतों की छाती चीरकर बहने वाले उस पावन झरने की तरह होता है, जो जब आगे बढ़ता है, तो सदियों की सूखी माटी में भी प्राण फूंक देता है। भारतीय संस्कृति के इतिहास में गोरक्षपीठ…

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अधिकारों से पहले कर्तव्य पूर्ति का भाव रखें सभी नागरिक – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

अधिकारों से पहले कर्तव्य पूर्ति का भाव रखें सभी नागरिक – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

नालागढ़, हिमाचल प्रदेश। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त 02 फरवरी को आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने संघ की सौ वर्षों की यात्रा के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन के पञ्च परिवर्तन (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और स्व भाव जागरण) पर…

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