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कोई देश भारत का उद्धार नहीं करेगा, भारत सारी दुनिया का उद्धार करेगा – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, 27 अप्रैल 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति ने श्री क्षेत्र अवधपुरी में प्रभु श्रीरामचंद्र जी के जन्म स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण, जिन मान्यवरों के मार्गदर्शन में हुआ, उन प्रतिभाओं के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर कल्पना…

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संगठित हो हिंदू समाज : डॉ. मोहन जी भागवत

संगठित हो हिंदू समाज : डॉ. मोहन जी भागवत

लखनऊ, 17 फरवरी 2026। निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हिन्दू समाज को संगठित औऱ सशक्त होने की आवश्यकता है। हमको किसी से खतरा नहीं है, लेकिन सावधान रहना है। सद्भाव ना…

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महाभारत के संवाद लेखन का अर्धसत्य

महाभारत के संवाद लेखन का अर्धसत्य

कोरोना के कारण लॉकडाउन में लोगों के सामने बेहतरीन धारावाहिक प्रस्तुत करने के दूरदर्शन के प्रयासों के चलते ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ के अलावा कई पुराने और लोकप्रिय रहे धारावाहिक फिर से प्रसारित किए जा रहे है। इस दौरान कई पुरानी कहानियां भी सामने आ रही है। ऐसी ही एक कहानी प्रचारित की गई कि महाभारत…

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वामनावतार : शक्ति का संस्कार

वामनावतार : शक्ति का संस्कार

भारतीय सामाजिक, सांस्कृतिक चेतनत्त्व के पटल पर भगवान वामन का स्वरूप केवल दशावतार रूपी परम्परा में एक धार्मिक दृष्टि तक ग्रहण करना उनके व्यक्तित्व की व्यापकता एवं विराटता को सीमित कर देना प्रतीत होता है। वामन अनुकृति के अन्तर्गत भारतीय मनीषियों ने स्व मेधा से सत्ता, सामर्थ्य, विनम्रता, आत्मसंयम एवं लोककल्याण के ऐसे गहनतं जीवन-मूल्यों…

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एशिया मे अशांति के पीछे कौन?

एशिया मे अशांति के पीछे कौन?

– सितंबर 09, 2025 एशिया के कई देशों में बीते कुछ वर्षों में जो घटनाएं घट रही हैं, वे यह संकेत दे रही हैं कि महाद्वीप की राजनीतिक व्यवस्थाओं को अस्थिर करने के लिए एक सुनियोजित वैश्विक रणनीति काम कर रही है। हाल ही में नेपाल में बड़े पैमाने पर हुए जनआंदोलन और संसद भवन में…

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“हिन्दुत्व, भारत की आत्मा है” – दत्तात्रेय होसबाले जी

“हिन्दुत्व, भारत की आत्मा है” – दत्तात्रेय होसबाले जी

इंदौर, 30 नवम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि पुराणों और दुनिया के विभिन्न विद्वानों ने हिन्दू और हिन्दुस्तान को अलग-अलग कालखंडों में परिभाषित किया। भारत, मानव धर्म का देश है, जो सृष्टि में एकत्व का दर्शन करता है, इसकी सृष्टि के प्रति कृतज्ञता की दृष्टि है। यहाँ पुरुषार्थ के…

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श्री राम मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की परंपरागत प्रामाणिकता एवं शुचिता बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्रप्रेस विज्ञप्तिदिनांक: 22 जुलाई, 2026 श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के न्यासियों की बैठक आज आषाढ़ शुक्ल नवमी, बुधवार, 22 जुलाई 2026 को अयोध्या में सम्पन्न हुई। बैठक में श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं पर निर्णय लिए गए। साथ ही न्यासी मंडल में…

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“वर्ग साधना स्थली है, हम सब साधक हैं” — क्षेत्र प्रचारक अनिल जी

लखनऊ : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में आयोजित कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम सामान्य, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र, लखनऊ का उद्घाटन दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि के साथ सम्पन्न हुआ।उद्घाटन सत्र में क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, वर्ग के सर्वाधिकारी सरदार स्वर्ण सिंह जी तथा क्षेत्र संघचालक कृष्ण मोहन जी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ…

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पूरा देश हमारा है, उसकी सीमा पर रहने वाले लोगों की सेवा हमारा धर्म है : डा. कृष्ण गोपाल जी

पूरा देश हमारा है, उसकी सीमा पर रहने वाले लोगों की सेवा हमारा धर्म है : डा. कृष्ण गोपाल जी

लखनऊ । श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन के तत्वाधान में हुई श्रीगुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा 6.0 के अवसर पर मंगलवार को कार्यकर्ता सम्मान समारोह का सीएमएस गोमतीनगर विस्तार में आयोजन हुआ। सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों ने भारत माता, भगवान धनवंतरि जी, स्वामी विवेकानंद जी और गुरु गोरखनाथ जी की प्रतिमा के समक्ष…

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इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति और रामायण की परंपरा

इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति की अमिट छाप: लालकृष्ण आडवाणी और विद्यानिवास मिश्र के संस्मरण

इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति आज भी अनेक सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और सामाजिक जीवन में दिखाई देती है। पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी तथा प्रख्यात साहित्यकार विद्यानिवास मिश्र ने अपनी यात्राओं के दौरान ऐसे कई अनुभव साझा किए, जिनमें रामायण, महाभारत और संस्कृत परंपरा के प्रभाव का उल्लेख मिलता है। इन संस्मरणों के माध्यम से इंडोनेशिया…

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