Headlines

पुस्तक पढ़ने की प्रवृत्ति कम होना चिन्ताजनक: मनोजकांत जी

लखनऊ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख मनोजकांत जी ने विद्यार्थियों में पुस्तकें पढ़ने की प्रवृत्ति कम होने पर चिन्ता व्यक्त की है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अच्छी पुस्तकें पढ़ें और उनका उपयोग जीवन में करें। श्री मनोजकांत जी राष्ट्रधर्म कार्यालय में आयोजित ‘पुस्तक चर्चा’ कार्यक्रम में बोल रहे थे।…

Read Full News

संस्कृत भारत का प्राण है और वैश्विक धरोहर : डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित दीनदयाल मार्ग पर संस्कृत भारती के नव निर्मित कार्यालय का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने किया। उपस्थित जनजमूह को सम्बोधित करते हुए सरसंघचालक जी ने कहा कि, अक्षय तृतीया जैसे शुभ मुहूर्त पर ‘प्रणव’ कार्यालय का लोकार्पण अत्यन्त आनन्ददायक और शुभ संकेत है। यह सत्य…

Read Full News

थ्राइव सम्मेलन 2026: माननीय सरकार्यवाह जी के विज्ञान, ज्ञान-प्रणालियाँ और सभ्यतागत नेतृत्व पर विचार

कैलिफ़ोर्नियाराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने थ्राइव सम्मेलन 2026 में “विज्ञान, ज्ञान-प्रणालियाँ एवं सभ्यतागत नेतृत्व” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। यह सम्मेलन स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका में आयोजित हुआ, जहाँ वैश्विक स्तर पर होसबाले जी और नवाचार से जुड़े विशेषज्ञ एकत्र हुए। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने ग्लोबल साइंस एंड इनोवेशन…

Read Full News

बाबा साहब अंबेडकर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: सामाजिक समरसता का आधार

सामाजिक समरसता के अग्रदूत बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर अपनत्व की भावना रखते थे और विश्वास करते थे कि यह संगठन सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन बनेगा। उन्हें विश्वास था कि संघ हिन्दू समाज में एकजुटता और सामाजिक समरसता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बाबा साहब डॉ. अंबेडकर संघ…

Read Full News

संघ समाज को जोड़ने वाला 100 वर्षों का सशक्त अभियान – राम माधव जी

जबलपुर। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त नर्मदा भाग में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारम्भ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। तत्पश्चात राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन हुआ। मुख्य वक्ता राम माधव जी ने कहा कि संघ विश्व का एकमात्र ऐसा संगठन है जो…

Read Full News

सेवा कार्य में समाज को भी सक्रिय सहभागी होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

पुणे, १६ अप्रैल २०२६।नांदोशी में ‘लता-आशा मंगेशकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस’ के भूमि पूजन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि निःस्वार्थ बुद्धि और प्रामाणिकता हो, तभी सेवाकार्य सफल होते हैं। सच्ची सेवा अपनेपन के भाव से ही पैदा होती है और इसी अपनेपन के कारण समाज में…

Read Full News
संघ के स्वयंसेवक विकट परिस्थिति में भी बिना नाम, यश की चिंता किए सेवा करते हैं – आलोक कुमार जी

संघ के स्वयंसेवक विकट परिस्थिति में भी बिना नाम, यश की चिंता किए सेवा करते हैं – आलोक कुमार जी

पंच परिवर्तन – पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है पटना, 8 अप्रैल, 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार जी ने कहा कि संघ ने शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन का कार्यक्रम निर्धारित किया है। ये पांच परिवर्तन हैं – स्व का बोध तथा स्वदेशी का उपयोग,…

Read Full News
आश्रमों में जीवन को दीप जैसा बनाया जाता है जो खुद जलकर सबको प्रकाशित करता है – डॉ. मोहन भागवत जी

आश्रमों में जीवन को दीप जैसा बनाया जाता है जो खुद जलकर सबको प्रकाशित करता है – डॉ. मोहन भागवत जी

वृन्दावन (मथुरा)। जीवन दीप आश्रम वृन्दावन के लोकार्पण समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि आश्रम केवल पेट भरने का नहीं, बल्कि वास्तविक ज्ञान का केन्द्र होते हैं। इनसे व्यक्ति को जीवन में इतना साहस मिलता है कि वह जीवन के थपेड़ों से लड़ने में सक्षम बनता है।…

Read Full News
जनसाधारण के माध्यम से परिवर्तन की प्रक्रिया है ‘संघ – सुनील आंबेकर जी

जनसाधारण के माध्यम से परिवर्तन की प्रक्रिया है ‘संघ – सुनील आंबेकर जी

पुणे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने कहा कि “हिन्दू समाज में व्याप्त दोषों के परिपूर्ण उपाय के रूप में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। संघ यद्यपि व्यापक सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्यरत है, फिर भी यह प्रक्रिया अत्यंत स्वाभाविक और साधारण है।…

Read Full News
युग प्रवर्तक स्वतंत्रता सेनानी डॉ. हेडगेवार

युग प्रवर्तक स्वतंत्रता सेनानी डॉ. हेडगेवार

वतंत्रता संग्राम के अग्रणी योद्धा डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जन्मजात स्वतंत्रता सेनानी थे। बाल्यकाल से लेकर जीवन के अन्तिम श्वास तक देश की स्वतंत्रता के लिये संघर्षरत रहे डॉक्टर हेडगेवार ने- “नहीं चाहिये पद, यश, गरिमा, सभी चढ़े माँ के चरणों में। भारत माता की जय केवल, शब्द पड़े जग के कणों में।।” के सिद्धान्त…

Read Full News