पत्रकार की लेखनी में भारत निर्माण का भाव होना आवश्यक : सुभाष जी
‘एक पत्रकार ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना के साथ पत्रकारिता करके लोकमंगल का आह्वान करता है। पत्रकार अपनी कार्यशैली से समाज का मार्गदर्शन करने का कार्य करता है। उसकी लेखनी में भारत निर्माण का भाव होना चाहिये।’
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा, समाज निर्माण का आधार है विवाह
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बुधवार को वाराणसी के खोजवां में आयोजित अक्षय कन्यादान महोत्सव में पिता की भूमिका निभाकर सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
आर्य-द्रविड़ संघर्ष की झूठी कहानी अंग्रेजों ने रची : स्वांत रंजन जी
अंग्रेजों ने भारतीय समाज को भ्रमित करने के लिए एक नई परिभाषा गढ़ दी कि, आर्य बाहर से आए। भारत में द्रविड़ लोग रहते थे। आर्यों ने द्रविड़ों को परास्त कर दक्षिण में भेज दिया और अपना आधिपत्य जमा लिया।
