Headlines

राजा लक्ष्मण सिंह हिन्दी भाषा के प्रखर समर्थक

विशुद्ध हिन्दी के समर्थक राजा लक्ष्मण सिंह: हिन्दी गद्य के महान निर्माता

उन्नीसवीं शताब्दी का उत्तरार्ध हिन्दी भाषा के विकास और उसकी पहचान का महत्वपूर्ण काल था। इसी समय राजा लक्ष्मण सिंह जैसे विद्वान साहित्यकार, अनुवादक और भाषा-चिन्तक सामने आए, जिन्होंने हिन्दी को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा माना। जब हिन्दी और उर्दू के स्वरूप को लेकर व्यापक बहस चल रही थी,…

Read Full News
विद्यार्थी परिषद ने असंख्य विद्यार्थियों को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया है। — सुनील आम्बेकर जी

विद्यार्थी परिषद ने असंख्य विद्यार्थियों को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया है। — सुनील आम्बेकर जी

लखनऊ : अभाविप के क्षेत्रीय सचिवालय का उद्घाटन नवीन मार्केट कैसरबाग में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनील आम्बेकर जी के करकमलों से सम्पन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनील आंबेकर ने कहा कि, “अभाविप का कार्य…

Read Full News
परिवर्तनशील समाज में 'कुटुम्ब व्यवस्था'

परिवर्तनशील समाज में ‘कुटुम्ब व्यवस्था’

भारत एक ऐसा देश है जहाँ परिवार केवल सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि जीवन का मूलाधार है। भारतीय समाज की आत्मा कुटुम्ब व्यवस्था है, जो व्यक्ति को पहचान, सुरक्षा, संस्कार और आत्मीयता प्रदान करती है। वैश्वीकरण और तकनीकी क्रान्ति के दौर में जहाँ पश्चिमी समाजों में परिवार विखण्डित होता गया, वहीं भारत में कुटुम्ब व्यवस्था ने…

Read Full News
क्या महिलाओं को अभी भी संघर्ष करना होगा ?

क्या महिलाओं को अभी भी संघर्ष करना होगा ?

भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में नारी को सदैव शक्ति, सृजन और संस्कार का प्रतीक माना गया है। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता’ का आदर्श हमारे समाज की आत्मा में बसता है। फिर भी वास्तविकता यह है कि महिलाओं को आज भी अपने सम्मान और समान सहभागिता के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। नारी…

Read Full News

डॉक्टर भागवत ने अमेरिका में अपने संबोधन से विरोधियों को नि:शब्द किया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंचालक डॉक्टर मोहन भागवत का न्यूयॉर्क के मैनहटन स्थित मेडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम की सफलता से अमेरिका से लेकर भारत तक के विरोधियों को बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सटीक उत्तर मिल गया है। भारत में नेताओं ने कार्यक्रम के पूर्व अपने बयानों से इसके विरोध में माहौल बनाने की कोशिश की।…

Read Full News
संघ का निर्माण भारत को केंद्र में रखकर हुआ है और इसकी सार्थकता भारत के विश्वगुरु बनने में है - डॉ. मोहन भागवत जी

संघ का निर्माण भारत को केंद्र में रखकर हुआ है और इसकी सार्थकता भारत के विश्वगुरु बनने में है – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली, 26 अगस्त। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला के प्रथम दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि संघ का निर्माण भारत को केंद्र में रखकर हुआ है और इसकी सार्थकता भारत के विश्वगुरु बनने में है। संघ कार्य की प्रेरणा संघ प्रार्थना के अंत में…

Read Full News

Ayodhya Ram Mandir : राममंदिर के 6 दरवाजों पर 18Kg सोना मढ़ा जा रहा, सिंहासन पर विराजमान होंगे राम-सीता

Ayodhya Ram Mandir News : अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दिव्यता और भव्यता हर दिन एक नई ऊंचाई पर पहुंच रही है। अब मंदिर के प्रथम तल पर छह विशाल दरवाजों पर कुल 18 किलो सोना मढ़ा जा रहा है।

Read Full News
Only an organized society can lead a nation to ultimate glory – Dattatreya Hosabale

संगठित समाज ही राष्ट्र को परम वैभव पर ले जा सकता है – दत्तात्रेय होसबाले जी

जोधपुर, 14 दिसंबर 2025। संघ शताब्दी वर्ष (संघ@शताब्दी) के उपलक्ष्य में जोधपुर महानगर के भाग क्रमांक-2 में आयोजित ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि करवट ले रहे भारत में समाज के मन और इच्छाशक्ति का महत्वपूर्ण स्थान है। संस्कार से संगठन का संघ-कार्य ही…

Read Full News
श्री गुरुजी का आर्थिक चिंतन : पश्चिमी राष्ट्रों का लक्ष्य केवल भौतिक सुख

श्री गुरुजी का आर्थिक चिंतन : पश्चिमी राष्ट्रों का लक्ष्य केवल भौतिक सुख

मनुष्य जीवन का लक्ष्य क्या है? अथवा मनुष्य अपने सामने जीवन का लक्ष्य कौन सा रखे? इस बारे में लगभग सभी लोगों का मत है कि सुख ही मनुष्य जीवन का लक्ष्य है। परंतु, प्रश्न यह है कि सुख से आशय क्या है और मनुष्य को यह सुख कैसे मिल सकता है? इस सम्बन्ध में…

Read Full News
धरती आबा बिरसा मुंडा के 150वें जन्म वर्ष पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का वक्तव्य

धरती आबा बिरसा मुंडा के 150वें जन्म वर्ष पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का वक्तव्य

भारत के गौरवशाली स्वाधीनता संग्राम में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों व योद्धाओं की एक दीर्घ परंपरा रही है और उनका योगदान अविस्मरणीय रहा है। भगवान बिरसा मुंडा का इस स्वतंत्रता संग्राम के श्रेष्ठतम नायकों, योद्धाओं में विशेष स्थान है। 15 नवंबर 1875 को उलीहातु (झारखंड) में जन्मे भगवान बिरसा का यह 150 वाँ जन्म वर्ष है।…

Read Full News