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स्वातंत्र्यवीर सावरकर: एक समग्र मूल्यांकन

स्वातंत्र्यवीर सावरकर: एक समग्र मूल्यांकन

विनायक दामोदर सावरकर प्रखर चिंतक, गहन अध्येता, सत्यान्वेषी इतिहासकार, भावप्रवण कवि, सेवाभावी समाज सुधारक और महान स्वतंत्रता-सेनानी थे। उनका कोई भी रूप अन्य किसी रूप से कमतर नहीं था। संपूर्ण स्वतंत्रता-आंदोलन में सावरकर जैसी प्रखरता, तार्किकता एवं तेजस्विता अन्यत्र कम ही दिखाई पड़ती है। महापुरुष कभी मरते नहीं। वे हमारी स्मृतियों, प्रेरणाओं, आचरणों और आदर्शों…

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(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्वतंत्र स्तंभकार है।)

राष्ट्र चेतना, सांस्कृतिक गौरव एवं हिन्दुत्व चिंतन की प्रधानता है सावरकर जी के लेखन में

स्वातंत्र्यवीर विनायक सावरकर का पूरा जीवन राष्ट्र चेतना और सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिये समर्पित रहा। बालवय से जीवन की अंतिम श्वाँस तक वे कभी रुके नहीं और न कहीं झुके। उनका अभियान केवल स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित नहीं था। उनका लक्ष्य एक ऐसे सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण करना था जैसा अतीत…

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‘णमोकार मंत्र’ विश्व में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है - दत्तात्रेय होसबाले जी

‘णमोकार मंत्र’ विश्व में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है – दत्तात्रेय होसबाले जी

मुंबई, 26 मई 2026। जहांगीर आर्ट गैलरी में कलाकार जैन कमल की प्रदर्शनी ‘विश्व शांति के लिए णमोकार महामंत्र’ के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि ‘णमोकार मंत्र’ विश्व में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला सार्वभौमिक मंत्र है। यह मंत्र मानवता को आंतरिक…

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निष्ठावान कार्यकर्ता हो. वे. शेषाद्रि

निष्ठावान कार्यकर्ता हो. वे. शेषाद्रि

आज तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का साहित्य हर भाषा में प्रचुर मात्रा में निर्माण हो रहा है; पर इस कार्य के प्रारम्भ में जिन कार्यकर्ताओं की प्रमुख भूमिका रही, उनमें श्री होंगसन्द्र वेंकटरमैया शेषाद्रि जी का नाम शीर्ष पर है। 26 मई, 1926 को बंगलौर में जन्मे शेषाद्रि जी 1943 में स्वयंसेवक बने। 1946 में…

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बस्ती की 2500 महिलाओं ने गाया रामजी का सोहर, गिनीज बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड

बस्ती की 2500 महिलाओं ने गाया रामजी का सोहर, गिनीज बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड

भगवान वशिष्ठ की नगरी सोमवार की शाम सांस्कृतिक गरिमा और उत्साह का अद्भुत क्षण रहा। 2500 महिलाओं ने एक साथ रामजी का सोहर गाकर न सिर्फ इतिहास रचा बल्कि उसे गिनीज बुक में रिकॉर्ड दर्ज करा दिया। पारंपरिक परिधान में बहू-बेटियों व माताओं ने जब राजा दशरथ के घरवा आजु भईलें ललनवा…सोहर सुनाया तो पूरा…

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राष्ट्रीय विचारों के प्रखर लेखक एच.वी. शेषाद्रि जी

राष्ट्रीय विचारों के प्रखर लेखक एच.वी. शेषाद्रि जी

इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो केवल संगठन का नेतृत्व नहीं करते बल्कि अपने विचार, लेखनी और जीवन-साधना से पीढ़ियों को दिशा देते हैं। एच.वी. शेषाद्रि जी ऐसे ही विलक्षण व्यक्तित्व थे, जिनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रकार्य, संगठन और वैचारिक चेतना को समर्पित रहा। सरलता, विद्वता और राष्ट्रनिष्ठा के अद्भुत संगम रहे शेषाद्रि जी…

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रक्षाबंधन पर विशेष – उन दो पतले धागों की महिमा

रक्षाबंधन पर विशेष – उन दो पतले धागों की महिमा

अपने देश के उत्तरी भागों में ‘राखी’ का संकेत बहुत ही सुंदर है। किसी भी अनजाने पुरुष को कोई भी स्त्री जाकर उसके हाथ में राखी बांध देती है तो उसी क्षण से वह पुरुष उसका भाई, उसका रक्षक बन जाता है। और यदि किसी स्त्री के स्त्रीत्व पर संकट आ जाए और वह जाकर…

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आत्मशुद्धि का भारतीय पर्व गंगा दशहरा

आत्मशुद्धि का भारतीय पर्व गंगा दशहरा

भारत की सांस्कृतिक चेतना में गंगा दशहरा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, प्रकृति-सम्मान और नैतिक जीवन का संदेश देने वाला महापर्व है। भारतीय संस्कृति में समय केवल गणना का माध्यम नहीं, बल्कि चेतना का आयाम है। हिंदू धर्म में तिथियाँ मानव जीवन को ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जोड़ने वाली आध्यात्मिक कड़ियाँ मानी गई हैं।…

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यदि संघ शक्तिशाली होता तो देश का विभाजन नहीं होता! सुनील आम्‍बेकर के कथन का निहितार्थ

~ डॉक्टर पंकज चतुर्वेदी भारत का विभाजन सिर्फ एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, अपने समय में वह भारतीय समाज की सामूहिक चेतना को झकझोर देने वाली ऐसी त्रासदी थी, जिसने करोड़ों लोगों को विस्थापन, हिंसा और असुरक्षा की आग में झोंक दिया। वर्ष 1947 का वह दौर भारतीय इतिहास का सबसे पीड़ादायक अध्याय माना जाता…

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सुविधा मुक्त साधना युक्त सामूहिक जीवन का अभ्यास है संघ शिक्षा वर्ग : प्रान्त प्रचारक कौशल जी

उन्नाव : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रांत का संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) उन्नाव के सरस्वती विद्या मन्दिर पूरननगर के परिसर में प्रारम्भ हो गया। दिनांक २२ मई से प्रारंभ होकर ७ जून तक १५ दिन चलने वाला है। अवध प्रांत के २६ ज़िलों से ३१७ शिक्षार्थी वर्ग में प्रशिक्षण लेने आए हैं। अवध प्रांत के…

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