आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण जी का प्रेरक मार्गदर्शन
समसामयिक विचार अन्धकार और मलिनता में पनपने वाले, छिपकर निकलने वाले तथा झुण्ड को शक्ति मानने वाले वितृष्णा के पर्याय, जब तथाकथित क्रान्ति के प्रतीक बनने लगें, तो यह समझना कठिन नहीं रह जाता कि क्रान्ति कितनी निर्विचार है। पीडाएँ परिवर्तन नहीं लातीं, परिवर्तन लाती है जीवनी शक्ति, वह जीवनी शक्ति जो पवित्रता और प्रकाश…