Sanskrit Language : संस्कृत समर्थक संविधानवेत्ता और समाज सुधारक डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर
Sanskrit Language : संविधानवेत्ता और समाज सुधारक होने के साथ-साथ डॉ. अंबेडकर को संस्कृत के प्रबल समर्थक के रूप में व्याख्या कर रहे हैं डॉ. मुरली मनोहर जोशी…
Sanskrit Language : संविधानवेत्ता और समाज सुधारक होने के साथ-साथ डॉ. अंबेडकर को संस्कृत के प्रबल समर्थक के रूप में व्याख्या कर रहे हैं डॉ. मुरली मनोहर जोशी…
पृथ्वी पर जब भी सत्य, धर्म और न्याय पर संकट आया है, तब-तब भगवा नारायण अवतरित हुये। अवतार क्रम में भगवान परशुरामजी का सर्वाधिक व्यापक और पहला पूर्ण अवतार है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का संघ शिक्षा वर्ग इस वर्ष गोंडा जिले में 21 मई से आयोजित होने जा रहा है। इसकी तैयारियों का शुभारम्भ 27 अप्रैल को भूमि पूजन और सुंदरकांड पाठ के साथ विधिवत सम्पन्न हुआ।
अंग्रेजों ने भारतीय समाज को भ्रमित करने के लिए एक नई परिभाषा गढ़ दी कि, आर्य बाहर से आए। भारत में द्रविड़ लोग रहते थे। आर्यों ने द्रविड़ों को परास्त कर दक्षिण में भेज दिया और अपना आधिपत्य जमा लिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जब हम आपसी मतभेदों में रहते हैं, तो समाज में खाई बढ़ती जाती है।
विपक्षी राजनीतिक दलों के नेता क्या अब इन आतंकवादियों के बारे में कुछ नहीं बोलना चाहेंगे, समझ आता है कि राजनीतिक द्वेष में सत्ता पक्ष के विरूद्ध विपक्षी दलों के नेता कुछ भी बोल सकते हैं।
श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 5.0 के कार्यकर्ता सम्मान समारोह में सीएम योगी ने कहा, कुछ मिशनरी और वामपंथी कर रहे थे जनजातीय समाज का ब्रेनवॉश लखनऊ। लखनऊ के सिटी मांटेसरी स्कूल गोमतीनगर विस्तार ऑडिटोरियम में सोमवार को श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 5.0 के कार्यकर्ता सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लखनऊ विभाग की ‘शाखा टोली का एकत्रीकरण’ लखनऊ के आशियाना क्षेत्र स्थित स्मृति उपवन में आयोजित किया गया।
यूनेस्को ने श्रीमद्भगवद गीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र को मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल किया है। यूनेस्को द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यूनेस्को (UNESCO) के विश्व स्मृति रजिस्टर में कुल 74 नई एंट्री की गईं, जिससे कुल अभिलेखित संग्रहों की संख्या 570 हो गई। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त…
बीएचयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में गैस्ट्रोइंटरोलाजी विभाग ने देसी गाय के दूध में पाये जाने वाले लैक्टोफेरिन का उपयोग शुरू किया है। दो माह से मनुष्यों पर इसका परीक्षण किया जा रहा है।