डॉक्टर जी का जीवन सन्देश

डॉक्टर जी का जीवन सन्देश

परमपूजनीय डॉक्टरजी के कष्टपूर्ण, परिश्रमी एवं कर्मठ जीवन से सर्वसाधारण व्यक्ति को एक आशादायी सन्देश मिलता है। दरिद्रता, प्रसिद्धिविहीनता, बड़ों की उदासीनता, परिस्थिति की प्रतिकूलता, पग-पग पर बाधाएँ, विरोध, उपेक्षा, उपहास आदि के कटु अनुभव के साथ-साथ स्वीकृत कार्य की पूर्ति के लिए आवश्यक साधनों का अत्यन्त अभाव आदि कितनी ही कठिनाइयाँ मार्ग में आयें…

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समालखा – राष्ट्र सेविका समिति की अर्धवार्षिक बैठक में जनसंख्या असंतुलन पर प्रस्ताव पारित

राष्ट्र सेविका समिति ने ‘जनसंख्या असंतुलन’ पर प्रस्ताव पास किया

समालखा (हरियाणा)। राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय कार्यकारिणी और प्रतिनिधि मंडल की छमाही बैठक समालखा, हरियाणा में संपन्न हुई। बैठक में प्रमुख संचालिका शांता कुमारी जी, प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री जी और 40 प्रांतों से 488 प्रतिनिधि शामिल हुए। तीन दिन की मीटिंग के आखिरी सेशन में प्रमुख संचालिका शांता कुमारी जी ने कहा…

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रज्जू भैया : विज्ञान-साधना से राष्ट्र-आराधना तक

रज्जू भैया : विज्ञान-साधना से राष्ट्र-आराधना तक

✍️ प्रणय विक्रम सिंह कुछ व्यक्तित्वों पर लिखना शब्दों का काम नहीं होता, श्रद्धा का काम होता है। कलम चलती अवश्य है, लेकिन लिखता हृदय है। परम पूज्य चतुर्थ सरसंघचालक प्रो. राजेन्द्र सिंह ‘रज्जू भैया’ का स्मरण भी कुछ ऐसा ही है। उनके बारे में सोचते ही मन में किसी बड़े पद की नहीं, एक…

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10, 11, 12 जुलाई को बेलगावी में होगी प्रांत प्रचारक बैठक

10, 11, 12 जुलाई को बेलगावी में होगी प्रांत प्रचारक बैठक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय़ प्रांत प्रचारक बैठक इस वर्ष युगाब्द 5128, विक्रम संवत् 2083, ज्येष्ठ (उत्तर भारत में आषाढ़) कृष्ण दशमी/एकादशी, द्वादशी एवं त्रयोदशी अर्थात दिनांक 10, 11 एवं 12 जुलाई, 2026 को कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित हो रही है। इस बैठक में देशभर के सभी प्रांतों के प्रांत प्रचारक, सह…

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मैंने देखा इच्छामरण

मैंने देखा इच्छामरण

सबेरे का समय, चाय-पान का वक्‍त, पूजनीय श्री गुरुजी के कमरे में (उसे कोठरी कहना ही अधिक उपयुक्त होगा) जब हम लोग प्रविष्ट हुए तब वे कुर्सी पर बैठे थे। चरण स्पर्श के लिए हाथ बढाए। सदैव की भाँति पॉव पीछे खींच लिए। मेरे साथ आए स्वयंसेवकों का परिचय हुआ। उनमें आदिलाबाद के एक डॉक्टर…

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रक्षाबंधन पर विशेष – उन दो पतले धागों की महिमा

रक्षाबंधन पर विशेष – उन दो पतले धागों की महिमा

अपने देश के उत्तरी भागों में ‘राखी’ का संकेत बहुत ही सुंदर है। किसी भी अनजाने पुरुष को कोई भी स्त्री जाकर उसके हाथ में राखी बांध देती है तो उसी क्षण से वह पुरुष उसका भाई, उसका रक्षक बन जाता है। और यदि किसी स्त्री के स्त्रीत्व पर संकट आ जाए और वह जाकर…

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स्व-आधारित राष्ट्र निर्माण ही हमारी सिविलाइजेशनल ड्यूटी’ – जे. नंदकुमार जी

स्व-आधारित राष्ट्र निर्माण ही हमारी सिविलाइजेशनल ड्यूटी’ – जे. नंदकुमार जी

पुणे, 10 अप्रैल। प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार जी ने कहा कि “आत्मविस्मृत राष्ट्र विनाश की ओर मार्गक्रमण करता है। आज भी औपनिवेशिक मानसिकता के कारण भारत की स्व-आधारित व्यवस्था नष्ट हो चुकी है। स्वतंत्रता के बाद अब विकसित भारत के लिए ‘स्व’ आधारित राष्ट्र निर्माण करना हमारी सिविलाइजेशनल ड्यूटी है”। कोथरूड…

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आदर्श राष्ट्र के निर्माण के लिए समाज का अच्छा होना प्राथमिक शर्त – डॉ. मोहन भागवत जी

आदर्श राष्ट्र के निर्माण के लिए समाज का अच्छा होना प्राथमिक शर्त – डॉ. मोहन भागवत जी

“कानून से अधिक जनजागृति आवश्यक, समाज को गौभक्त बनाएं तो स्वतः रुक जाएगी गौ-हत्या” वृन्दावन (मथुरा), 07 अप्रैल 2026। संत श्रीमद्जगद्गुरू द्वाराचार्य श्रीमलूकदास जी महाराज की 452वीं जयंती के अवसर पर आयोजित संत सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि एक सशक्त और आदर्श राष्ट्र के निर्माण के…

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परिवर्तनशील समाज में 'कुटुम्ब व्यवस्था'

परिवर्तनशील समाज में ‘कुटुम्ब व्यवस्था’

भारत एक ऐसा देश है जहाँ परिवार केवल सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि जीवन का मूलाधार है। भारतीय समाज की आत्मा कुटुम्ब व्यवस्था है, जो व्यक्ति को पहचान, सुरक्षा, संस्कार और आत्मीयता प्रदान करती है। वैश्वीकरण और तकनीकी क्रान्ति के दौर में जहाँ पश्चिमी समाजों में परिवार विखण्डित होता गया, वहीं भारत में कुटुम्ब व्यवस्था ने…

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विविधता वास्तव में एकता का शृंगार और उत्सव है, न कि विभाजन का कारण – डॉ. मोहन भागवत जी

विविधता वास्तव में एकता का शृंगार और उत्सव है, न कि विभाजन का कारण – डॉ. मोहन भागवत जी

जोधपुर जैसलमेर की पावन धरा पर ‘समरसता’ का शंखनाद; चादर महोत्सव में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, संत जनों और सर्व समाज का महासंगम जैसलमेर, राजस्थान। स्वर्ण नगरी जैसलमेर में दादा गुरुदेव आचार्य श्री जिनदत्त सूरी के 871वें चादर महोत्सव के अवसर पर सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। इस पावन अवसर पर…

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