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भारत का अर्थ केवल भूगोल नहीं, अपितु एक स्वभाव है – डॉ. मोहन भागवत जी

भारत का अर्थ केवल भूगोल नहीं, अपितु एक स्वभाव है – डॉ. मोहन भागवत जी

इंदौर, 04 फरवरी 2026। कसरावद के लेपा स्थित श्री रामकृष्ण विश्व सद्भावना निकेतन में आयोजित विचार प्रेरक-कार्यक्रम में ‘मनुष्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सभी परमेश्वर के स्वरूप हैं, अत: उपकार नहीं, सेवा करना हमारा धर्म है। हमारे यहाँ चैरिटी नहीं, अपितु…

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अधिकारों से पहले कर्तव्य पूर्ति का भाव रखें सभी नागरिक – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

अधिकारों से पहले कर्तव्य पूर्ति का भाव रखें सभी नागरिक – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

नालागढ़, हिमाचल प्रदेश। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त 02 फरवरी को आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने संघ की सौ वर्षों की यात्रा के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन के पञ्च परिवर्तन (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और स्व भाव जागरण) पर…

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समाज संघ की ओर सकारात्मक व विश्वास की दृष्टि से देखता है – डॉ. मोहन भगवत जी

समाज संघ की ओर सकारात्मक व विश्वास की दृष्टि से देखता है – डॉ. मोहन भगवत जी

पुणे, 2 फरवरी 2026। मोतीबाग कार्यालय में ‘समर्थ भारत’ की अद्यतन वेबसाइट के उद्घाटन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर सकारात्मक और विश्वास की दृष्टि से देखता है। यह हमारे लिए अवसर और चुनौती दोनों है। ‘समर्थ भारत’ जैसी सुनियोजित परियोजनाओं…

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स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

प्रो फेसर राजेन्द्र सिंह, जिन्हें दुनिया आदर से ‘रज्जू भैया’ कहती है, का जीवन इस बात का ज्वलन्त प्रमाण है कि सच्बा बड़प्पन पद या प्रतिष्ठा में नहीं, बल्कि स्वभाव की सरलता में निहित होता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक जैसे सर्वोच्च और प्रभावशाली पद पर आसीन होने के बावजूद, रज्जू भैया का जीवन…

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संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश

संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश

1962 के भारत-चीन युद्ध को हम आज भी भूल नहीं पाते हैं। चीन ने भारत के विश्वास का कत्ल किया था। ‘हिन्दी-चीनी, भाई-भाई’ के नारे को धुंए में उड़ाकर चीन की कम्युनिस्ट सत्ता ने भारत पर अप्रत्याशित युद्ध थोप दिया था। हमारी सेना ने यथासंभव प्रतिकार किया। चीन को नाकों चने चबाने को मजबूर कर…

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भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा - भय्याजी जोशी

भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा – भय्याजी जोशी

पुणे, 22 जनवरी 2026। संस्कृत भारती पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत की ओर से आयोजित 10 संस्कृत पुस्तकों के लोकार्पण कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत में कोई भी भाषा संस्कृत के बिना नहीं है। इसलिए, भारतीय दर्शन, विज्ञान, विचार और जीवन मूल्यों को समझने के लिए…

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धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है – डॉ. मोहन भागवत जी

धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है – डॉ. मोहन भागवत जी

ग्रंथ, शास्त्र और संतों की वाणी हमारी समझ और सामर्थ्य को बढ़ाते हैं – आचार्य महाश्रमण जी नागौर, 22 जनवरी 2026। जिले के छोटी खाटू कस्बे में 162वें मर्यादा महोत्सव के अवसर पर विशाल व भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। आचार्य महाश्रमण के पावन सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन…

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गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी

गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी

मुंबई, 21 जनवरी 2026। प्राचार्य बी. एन. वैद्य सभागार, दादर पूर्व में तत्वचिंतक और संगठक, अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक श्रद्धेय स्व. डॉ. अशोकराव मोडक की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि “प्राध्यापकों का आदर्श व्यक्तित्व कैसा होना चाहिए, इसका जीवंत…

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देशहित किसी का एकाधिकार नहीं, हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है – डॉ. मोहन भागवत जी

देशहित किसी का एकाधिकार नहीं, हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट, 20 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राजकोट में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में सौराष्ट्र-कच्छ के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ संवाद किया। सेवा भारती भवन में आयोजित गोष्ठी में सरसंघचालक जी ने कहा कि देशहित पर किसी का एकाधिकार (monopoly) नहीं हो सकता।…

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निःस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी से देशहित में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य संघ का ही कार्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

निःस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी से देशहित में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य संघ का ही कार्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट, 19 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज राजकोट के सेवा भारती भवन में सौराष्ट्र-कच्छ की युवा प्रतिभाओं के साथ संवाद किया। सरसंघचालक जी ने कहा कि “जब युवा विभिन्न क्षेत्रों में देश के लिए कार्य करते हैं, तब उनके मन में ‘देश क्या है’ इसकी स्पष्ट कल्पना होनी…

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