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महादेवी वर्मा – जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, काव्य और गद्य

महादेवी वर्मा – जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, काव्य और गद्य

ठंडे पानी से नहलातीठंडा चन्दन उन्हें लगातीउनका भोग हमें दे जातीतब भी कभी न बोले हैंमां के ठाकुर जी भोले हैं। यह तुकबन्दी महादेवी जी ने मात्र छ: सात वर्ष की अवस्था में ही ठाकुर जी की पूजा करती हुई माँ पर की थी। यही छोटी सी बच्ची आगे चलकर हिन्दी भाषा की प्रख्यात कवयित्री…

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कुबेरनाथ राय (जन्म: 26 मार्च 1933, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश; मृत्यु: 5 जून 1996)

कुबेरनाथ राय : भारतीय चिंतन धारा के प्रमुख हस्ताक्षर

एक दिन पूज्य पिताजी जब सोये रहेंगे, उनके सिरहाने से ..फटी दीमक लगी किताब निकाल लाऊँगा और आग लगाकर फूँक दूंगा। ..तब हिन्दू धर्म के लिए एक नई पोथी लिखनी पड़ेगी…उस नई किताब को मैं लिखूंगा, और जो-जो मन में आयेगा, सो लिखूंगा। आखिर मेरी बात भी तो कभी आनी चाहिए, कि आजीवन मैं ‘हाँ,कहारी…

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समीक्षा : धुरंधर द रिवेंज – कुछ लोगों का धुआं निकलने वाला है

समीक्षा : धुरंधर द रिवेंज – कुछ लोगों का धुआं निकलने वाला है

‘धुरंधर’ सवा सात घंटे की  फिल्म है। जिसका साढ़े तीन घंटे का हिस्सा 05 दिसंबर, 2025 को आया था और अब पौने चार घंटे का पार्ट रिलीज़ हुआ है। जिसका नाम ‘धुरंधर द रिवेंज’ (Dhurandhar – The Revenge) है। ‘रिवेंज’ यानी बदला। कह सकते हैं कि ‘धुरंधर’ इंटरवल से पहले की फिल्म थी, जिसमें भारत…

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जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के कारण यूरोप सहित अन्य देश सभ्यतागत संकट का सामना कर रहे

जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के कारण यूरोप सहित अन्य देश सभ्यतागत संकट का सामना कर रहे

काशी। प्रज्ञा प्रवाह एवं दीनदयाल उपाध्याय पीठ के संयुक्त तत्वाधान में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित समाज विज्ञान संकाय के सभागार में आयोजित ”जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के कारण सभ्यतागत संकट व्याख्यान में प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय सह संयोजक चन्द्रकांत जी ने कहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सभ्यतागत संकट यूरोप में विकराल रूप धारण कर रहा है।…

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पूरा देश हमारा है, उसकी सीमा पर रहने वाले लोगों की सेवा हमारा धर्म है : डा. कृष्ण गोपाल जी

पूरा देश हमारा है, उसकी सीमा पर रहने वाले लोगों की सेवा हमारा धर्म है : डा. कृष्ण गोपाल जी

लखनऊ । श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन के तत्वाधान में हुई श्रीगुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा 6.0 के अवसर पर मंगलवार को कार्यकर्ता सम्मान समारोह का सीएमएस गोमतीनगर विस्तार में आयोजन हुआ। सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों ने भारत माता, भगवान धनवंतरि जी, स्वामी विवेकानंद जी और गुरु गोरखनाथ जी की प्रतिमा के समक्ष…

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आश्रमों में जीवन को दीप जैसा बनाया जाता है जो खुद जलकर सबको प्रकाशित करता है – डॉ. मोहन भागवत जी

आश्रमों में जीवन को दीप जैसा बनाया जाता है जो खुद जलकर सबको प्रकाशित करता है – डॉ. मोहन भागवत जी

वृन्दावन (मथुरा)। जीवन दीप आश्रम वृन्दावन के लोकार्पण समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि आश्रम केवल पेट भरने का नहीं, बल्कि वास्तविक ज्ञान का केन्द्र होते हैं। इनसे व्यक्ति को जीवन में इतना साहस मिलता है कि वह जीवन के थपेड़ों से लड़ने में सक्षम बनता है।…

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भारत की सभ्यतागत दृष्टि मानवता के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है – दत्तात्रेय होसबाले जी

भारत की सभ्यतागत दृष्टि मानवता के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है – दत्तात्रेय होसबाले जी

शताब्दी वर्ष के निमित्त आईआईटी गुवाहाटी में युवा सम्मेलन का आयोजन, राष्ट्र निर्माण और सभ्यतागत दायित्व पर जोर गुवाहाटी, 22 मार्च। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गुवाहाटी महानगर ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी में ‘युवा सम्मेलन’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों – आईआईटी गुवाहाटी, एम्स…

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जनसाधारण के माध्यम से परिवर्तन की प्रक्रिया है ‘संघ – सुनील आंबेकर जी

जनसाधारण के माध्यम से परिवर्तन की प्रक्रिया है ‘संघ – सुनील आंबेकर जी

पुणे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने कहा कि “हिन्दू समाज में व्याप्त दोषों के परिपूर्ण उपाय के रूप में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। संघ यद्यपि व्यापक सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्यरत है, फिर भी यह प्रक्रिया अत्यंत स्वाभाविक और साधारण है।…

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स्वयंसेवकों ने शारीरिक प्रधान कार्यक्रम में निपुणता का परिचय दिया

स्वयंसेवकों ने शारीरिक प्रधान कार्यक्रम में निपुणता का परिचय दिया

लखनऊ, 21 मार्च: अभ्यास से निपुणता आती है और निपुणता जीवन संवारती है और उससे लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। व्यष्टि से समष्टि के कल्याण की भावना के साथ ध्येय पथ पर निरंतर बढ़ रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लखनऊ उत्तर भाग के स्वयंसेवकों द्वारा शारीरिक प्रधान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया। यह…

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राणा_सांगा के समाधि स्थल की दुर्दशा

राणा_सांगा के समाधि स्थल की दुर्दशा

राणा सांगा (राणा संग्राम सिंह) (शासन 1509-1528) उदयपुर के राजा थे तथा राणा रायमल के सबसे छोटे पुत्र थे। राणा सांगा का पूरा नाम महाराणा संग्रामसिंह था। राणा सांगा ने मेवाड़ में 1509 से 1528 तक शासन किया, जो आज भारत के राजस्थान प्रदेश के रेगिस्थान में स्थित है। राणा सांगा ने विदेशी आक्रमणकारियों के…

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