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आत्मशुद्धि का भारतीय पर्व गंगा दशहरा

आत्मशुद्धि का भारतीय पर्व गंगा दशहरा

भारत की सांस्कृतिक चेतना में गंगा दशहरा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, प्रकृति-सम्मान और नैतिक जीवन का संदेश देने वाला महापर्व है। भारतीय संस्कृति में समय केवल गणना का माध्यम नहीं, बल्कि चेतना का आयाम है। हिंदू धर्म में तिथियाँ मानव जीवन को ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जोड़ने वाली आध्यात्मिक कड़ियाँ मानी गई हैं।…

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'स्वभाव में जीना अध्यात्म और प्रभाव में जीना भौतिकता है'

‘स्वभाव में जीना अध्यात्म और प्रभाव में जीना भौतिकता है’

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपालः पत्रकारिता का पेशा कोई आसान काम नहीं है। घर में, संबंधियों में और रिश्तों में आपेक्षाएं पूरी करते हुए कई बार लोग शिकायतों का अवसर छोड़ देते हैं। आप निरंतर उन लोगों के लिए काम करते हैं, जो आपके लिए प्रत्यक्ष नहीं हैं, लेकिन हैं बहुत ताकतवर। पत्रकार समाज के लिए काम…

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पोखरण परमाणु परीक्षण: भारत की वैज्ञानिक शक्ति और आत्मसम्मान का ऐतिहासिक क्षण

पोखरण परमाणु परीक्षण: भारत की वैज्ञानिक शक्ति और आत्मसम्मान का ऐतिहासिक क्षण

भारत के इतिहास में 11 मई और 13 मई 1998 की तिथियाँ स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं। इन्हीं दिनों राजस्थान के जैसलमेर जिले स्थित पोखरण परीक्षण स्थल में भारत ने सफल परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी सामरिक और वैज्ञानिक क्षमता का परिचय दिया। यह अभियान “ऑपरेशन शक्ति” के नाम से जाना गया। इन परीक्षणों…

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अजेय अस्मिता का अंगार: झुकती दुनिया में 'प्रताप' होने का अर्थ

अजेय अस्मिता का अंगार: झुकती दुनिया में ‘प्रताप’ होने का अर्थ

जब स्वाधीनता ने स्वयं को मानवीय स्वरूप में प्रकट करना चाहा, जब समता और समन्वय ने ‘योद्धा’ के रूप में खुद को ढालने की आरजू की, जब ‘वीरता और वैराग्य’ ने संयुक्त रूप से प्रस्फुटित होने का संकल्प लिया तब 09 मई 1540 को कुंभलगढ़ के किले में महाराणा प्रताप नामक आलोक का उदय हुआ।…

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विदेशियों के लिए धर्म-विज्ञान की प्रयोगशाला रही काशी

विदेशियों के लिए धर्म-विज्ञान की प्रयोगशाला रही काशी

25 साल पहले तक काशी विदेशियों के लिए में धर्म-विज्ञान की एक प्रयोगशाला रही। यहां के शास्त्र, मंदिर, कथाएं, किस्से और किवदंतियां सब कुछ वैज्ञानिक जांच का हिस्सा हुआ करते थे। अमेरिका, जापान और ब्रिटेन सहित कई यूरोपीय देशों के लैब से वैज्ञानिक आकर काशी के मंदिरों में पूरे दिन पूजा और अनुष्ठानों को देखते…

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कार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेल

कार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेल

गर आपको लगता है कि आपके बगल में बैठा अब्दुल सेक्युलर है। सभी धर्म को समान रूप से देखा है। उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी यही कहते हैं, तो यह आँखों का धोखा हो सकता है। हाल ही में नासिक टीसीएस की घटना ने झकझोड़कर रख दिया। इसके बाद अन्य कम्पनियों के भी हिन्दुओं के…

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हिंदुस्तानियों के हित के हेत

आज की भाषा में जिसे नैरेटिव सेट करना कहते हैं, भारत में छपे हिंदी के पहले अखबार के श्रद्धेय पितृपुरुष ने पहले ही अंक के मुख्य पृष्ठ पर पहली ही पंक्ति में यही काम किया था। वे युगलकिशोर शुक्ल थे और 30 मई 1826 को “उदंत मार्त्तण्ड’ नाम के अखबार में छपी वह अमर पंक्ति…

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महाभारत के संवाद लेखन का अर्धसत्य

महाभारत के संवाद लेखन का अर्धसत्य

कोरोना के कारण लॉकडाउन में लोगों के सामने बेहतरीन धारावाहिक प्रस्तुत करने के दूरदर्शन के प्रयासों के चलते ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ के अलावा कई पुराने और लोकप्रिय रहे धारावाहिक फिर से प्रसारित किए जा रहे है। इस दौरान कई पुरानी कहानियां भी सामने आ रही है। ऐसी ही एक कहानी प्रचारित की गई कि महाभारत…

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… और आदि शंकर ने उस अनूठे व्यक्ति को अपना गुरु बना लिया

शंकराचार्य नित्य-प्रति गंगा में स्नान करके तर्पण किया करते थे। सूर्योदय से पूर्व उनकी संध्या-पूजा पूर्ण हो जाती। एक दिन सूर्योदय होते-होते वे पूजा समाप्त करके विश्वनाथ मंदिर जा रहे थे। उन्होंने देखा कि गली में शमशान घाट में काम करने वाला एक व्यक्ति चार कुत्तों को चारों दिशाओं में बिठाए हुए रास्ता रोके खड़ा…

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श्रीगुरुजी को संन्यासी जीवन से वापस खींच लाया संघ कार्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य ‘श्रीगुरुजी’ के जीवन का एक दौर ऐसा भी है, जब वे दुनियादारी छोड़कर अध्यात्म के मार्ग पर संन्यासी हो गए। लेकिन उनकी नियति और संघ कार्य की आवश्यकता उन्हें पुन: राष्ट्रीय आंदोलन में खींच लाई। संघ कार्य को विस्तार देते हुए भी उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन…

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