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Operation Sindoor : युद्ध काल में लक्ष्मणरेखा लांघता विपक्ष

Operation Sindoor : पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए क्रूर आतंकी हमले की सूचना मिलते ही गृह मंत्री अमित शाह कश्मीर पहुंच गए…

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मन में 2047 में देश विभाजन का डर नहीं, अखंड भारत के संकल्प को मजबूत बनाएं - डॉ. मोहन भागवत जी

मन में 2047 में देश विभाजन का डर नहीं, अखंड भारत के संकल्प को मजबूत बनाएं – डॉ. मोहन भागवत जी

मुंबई, 08 फरवरी। देश विरोधी शक्तियों के देश विभाजन के मंसूबों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक जी ने कहा कि आप 2047 में देश विभाजन का डर पालने की बजाय, अखंड भारत के उदय की कल्पना करो। जो 500 साल में सुल्तान बादशाह यहां रहकर नहीं कर सके, 200 साल में अंग्रेज नहीं कर…

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भारत भूमि के योद्धा-संन्यासी, महान विचारक : स्वामी विवेकानन्द

भारत भूमि के योद्धा-संन्यासी, महान विचारक : स्वामी विवेकानन्द

भारत, प्राचीन काल से ही सम्पूर्ण विश्व के लिए एक अलौकिक पुण्यभूमि रहा है, जहाँ ऋषि-मुनियों, महापुरुषों, वैज्ञानिकों, विचारकों और समाज सुधारकों ने जन्म लेकर न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को जीवन का मार्ग दिखाया। आधुनिक युग में ऐसे ही विलक्षण संन्यासी थे स्वामी विवेकानन्द, जिनका जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ।…

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ब्रज प्रांत के पुनर्निर्मित कार्यालय ‘माधव भवन’ का भव्य लोकार्पण संपन्न

ब्रज प्रांत के पुनर्निर्मित कार्यालय ‘माधव भवन’ का भव्य लोकार्पण संपन्न

आगरा, 15 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, ब्रज प्रान्त कार्यालय ‘माधव भवन’ के लोकार्पण कार्यक्रम में शारदा पीठाधीवश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा कि संघ पर राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय प्रश्नचिन्ह खड़े किये जाते हैं। उन पर बौद्धिक स्तर से उत्तर दिया जाना चाहिए, केवल भावनाओं से काम चलने वाला नहीं है। उन्होंने…

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वह अमर छलांग – स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर

वह अमर छलांग – स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर

पानी पर लिखी हुई बातें लिखते- लिखते बह जाती हैं। नहीं शेष उनकी किंचित स्मृतियाँ भी रह जाती हैं। पर एक सदी से सागर के वक्षस्थल पर अंकित अब भी तुम सुनो लगाकर ध्यान कथा वह लहर- लहर दुहराती है।। हांँ पराधीन भारत का था तब, थी आग लगी जन के मन में। ‘कैसे माता…

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डॉ आम्‍बेडकर की दृष्टि में ‘हिन्‍दुत्‍व’

वर्ष 1935 में डॉ. आम्‍बेडकर ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि ‘मैं एक हिन्‍दू के रूप में पैदा हुआ क्योंकि मेरा इस पर कोई नियंत्रण नहीं था, लेकिन मैं एक हिन्‍दू रहकर नहीं मरूंगा।’ उन्‍होंने ऐसा किया भी। फिर भी वे हिन्‍दू धर्म को अन्‍य रिलीजन से ऊपर मानते थे।

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भारत के अच्छे भविष्य के लिए हिन्दू समाज जिम्मेदार है – डॉ. मोहन भागवत जी

भारत के अच्छे भविष्य के लिए हिन्दू समाज जिम्मेदार है – डॉ. मोहन भागवत जी

गंगापुर, छत्रपति संभाजीनगर (16 जनवरी 2026)। हिन्दू धर्म, परंपरा, संस्कृति और मूल्यों की रक्षा हेतु  हिन्दू सम्मेलन समिति, गंगापुर ने भव्य “हिन्दू सम्मेलन” का आयोजन किया। हिन्दू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हमें एक ऐसा बलशाली और चरित्रवान समाज बनाना है, जिससे दुनिया भी प्रभावित हो।…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य

श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केन्द्र बना है। अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और…

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काशी की यात्रा अंतस की गहराइयों में उतरने वाला अनुभव

काशी की यात्रा अंतस की गहराइयों में उतरने वाला अनुभव

धर्म, अध्यात्म और ज्ञान रूपी त्रिवेणी की प्रवाहिका काशी की यात्रा केवल एक भौगोलिक भ्रमण नहीं अपितु अंतस की गहराइयों में उतरने वाला अनुभव है। काशी जिसे वाराणसी, बनारस, आनंदवन इत्यादि कई नामों से अभिहित किया जाता है, भारत की धार्मिक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक तथा – विश्व की प्राचीनतम जीवित नगरियों में अग्रगण्य यह नगरी…

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राष्ट्र चेतना का अवतार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

राष्ट्र चेतना का अवतार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

राष्ट्र चेतना का अवतार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघः राष्ट्र आराधना के 100 वर्षध्येय साधना पर अटलः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ -सर्वेश कुमार सिंह- यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।।परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम।धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे।।भगवान श्रीकृष्ण के अर्जन से कहे गए ये वचन शास्वत, सनातन और चिरंतन भारतीय संस्कृति की जीवनी शक्ति…

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