विचारधारा के नाम पर भारत विरोध, अराजकता व हिंसा का अभियान
समाज और राष्ट्र को तोड़ने के लिए विश्वविद्यालयों (शिक्षा के मंदिरों) का उपयोग न हो 1983 में तो हालात इतने बेकाबू हो गए थे कि पूरे एक वर्ष के लिए विश्वविद्यालय को बंद करना पड़ा था। उस समय न तो किसी गैर वामपंथी सरकार का दबाव था और न ही किसी वैकल्पिक विचारधारा का प्रभाव। जवाहरलाल…