हम सभी श्रद्धापूर्वक मातृभूमि की महिमा का गायन करें
अपनी भूमि हमें मातृभूमि लगनी चाहिए। उसका कण-कण हमें पवित्र लगना चाहिए। हमारी मातृभूमि, कोई मिट्टी का ढेर नहीं, वह जड़ या अचेतन नहीं, ऐसी हमारी भावना चाहिये। इस प्रकार की जिनकी भावना और श्रद्धा रहेगी, उनका ही ‘राष्ट्र’ बनेगा और वे ही राष्ट्रीय कहलाए जाएंगे, यह सत्य श्री गुरुजी ने बहुत स्पष्ट शब्दों में…