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The Government of India had prevented the King of Nepal from attending the RSS program.

जब RSS के कार्यक्रम में आने से नेपाल के राजा को रोक दिया था भारत सरकार ने

ये कहानी तब की है जब अभिनेत्री मनीषा कोइराला के दादा बीपी कोइराला नेपाल के प्रधानमंत्री थे और नेपाल के राजा थे महेंद्र वीर विक्रम शाह. 1965 में आरएसएस के मकर संक्रांति उत्सव के लिए नेपाल के राजा महेंद्र वीर विक्रम शाह को भारत आना था. लेकिन तभी एक कूटनीतिक विवाद पैदा हो गया. भारत…

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एक सैनिक की आँखों में बसा विभाजन का दर्द

एक सैनिक की आँखों में बसा विभाजन का दर्द

कृष्णनन्द सागर मेरे एक मित्र श्री विजयेद्रनाथ शर्मा की बेटी की शादी में श्री अर्जुन देव रौली से भेंट हुई। भारतीय वायुसेना से ग्रुप कैप्टन के पद से अवकाश प्राप्त रौली जी ने मेरे प्रश्नों के उत्तर में बहुत संक्षिप्त रूप में केवल इतना ही कहा। इससे अधिक वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं…

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हिंदू जाति के प्रतिनिधि कवि के प्रति उदासीनता

हिंदू जाति के प्रतिनिधि कवि के प्रति उदासीनता

आचार्य रामचंद्र शुक्ल के लेखन पर कुछ काम करते हुए कवि भूषण के बारे में उनकी राय सामने आई। आचार्य शुक्ल ने कवि भूषण को ‘हिंदू जाति का प्रतिनिधि कवि’ कहा है। जाति से आचार्य शुक्ल का आशय किसी ‘कास्ट’ से नहीं, बल्कि हिंदू राष्ट्रीयता से है, क्योंकि हिंदू कोई जाति तो है नहीं। आचार्य…

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विभाजन की विभीषिका – जब चार घंटे में लाहौर छोड़कर भागना पड़ा

विभाजन की विभीषिका – जब चार घंटे में लाहौर छोड़कर भागना पड़ा

लखनऊ. 14 अगस्त, 1947 का काला दिन भला कैसे कोई भूल सकता है. आज भी जैसे ही यह दिन आता है, अपने पुरखों की धरती, अपनी माटी, अपना गाँव, घर और अपनों को खोने का दर्द ताजा हो जाता है. 14 अगस्त, 1947 की आधी रात जब भारत आजाद हो रहा था, तब देश के…

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जबलपुर में होगी अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की बैठक

जबलपुर में होगी अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की बैठक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघअखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल बैठकजबलपुर, महाकौशल प्रांत30-31 अक्तूबर एवं 1 नवम्बर 2025दिनांक – 14 अक्तूबर 2025 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिवर्ष होने वाली ‘अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल’ बैठक इस संघ शताब्दी वर्ष में मध्य प्रदेश के महाकौशल प्रांत में, जबलपुर शहर में युगाब्द 5127, विक्रमी संवत 2082, कार्तिक शुक्ल अष्टमी, नवमी एवं दशमी अर्थात…

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सत्य की सदा जय का आश्वासन है कोविदारध्वज

सत्य की सदा जय का आश्वासन है कोविदारध्वज

तीन प्रकार के अन्य ध्वज भी कराते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के शील, औदार्य और शौर्य का स्मरण…. सत्यनिष्ठा से युक्त प्रतिभाएं पूर्ण होती है. सदुदेश्य से किए गए उचित प्रयत्न विफल नहीं होते। पुण्यों का फल मनुष्य को प्राप्तव्य की प्राप्ति करा ही देता है। श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर पर ध्वजारोहण सनातन की इसी विश्वास-परंपरा…

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भारत की सभ्यतागत दृष्टि मानवता के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है – दत्तात्रेय होसबाले जी

भारत की सभ्यतागत दृष्टि मानवता के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है – दत्तात्रेय होसबाले जी

शताब्दी वर्ष के निमित्त आईआईटी गुवाहाटी में युवा सम्मेलन का आयोजन, राष्ट्र निर्माण और सभ्यतागत दायित्व पर जोर गुवाहाटी, 22 मार्च। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गुवाहाटी महानगर ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी में ‘युवा सम्मेलन’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों – आईआईटी गुवाहाटी, एम्स…

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वर्ष प्रतिपदा : एक खगोलीय-सांस्कृतिक पर्व

वर्ष प्रतिपदा : एक खगोलीय-सांस्कृतिक पर्व

पयोदकान्त मिश्र भारतीय नववर्ष और पंचांग का प्रथम दिवस अर्थात चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही ‘वर्ष प्रतिपदा’ है। ब्रह्मपुराण के अनुसार इसी दिन सूर्योदय काल में भगवान ब्रह्मा ने ‘सृष्टि की रचना आरम्भ’ की थी। मत्स्य पुराण के अनुसार जलप्रलय के पश्चात सृष्टि की सुरक्षा के लिए भगवान विष्णु के दशावतारों में प्रथम- ‘मत्स्यावतार’ भी आज…

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अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी

अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी

भोपाल, 02 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के प्रसंग पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का देशभर में प्रवास हो रहा है। इसी श्रृंखला में दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि संघ अपने जन्म से ही लक्ष्य लेकर चल रहा है…

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जो हिन्दुओं की वर्णव्यवस्था को शोषणमूलक बता रहे थे, एपस्टीन से पता करें कि असल शोषण क्या होता है और कैसे किया जाता है

जो हिन्दुओं की वर्णव्यवस्था को शोषणमूलक बता रहे थे, एपस्टीन से पता करें कि असल शोषण क्या होता है और कैसे किया जाता है

वे लोग जो हिन्दुओं की वर्णव्यवस्था को शोषणमूलक बता रहे थे, एपस्टीन से पता करें कि असल शोषण क्या होता है और कैसे किया जाता है। हावर्ड यूनिवर्सिटी इकतरफ़ा हिन्दू बैशिंग में लगी रही थी, देखिए भारत की जाति व्यवस्था का कुप्रचार करने वाले लोग यहाँ किस तरह के भोग में लगे थे। उनके नाम…

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