हिन्दू संस्कृति ने सदैव विश्व को सत्य, उदारता और अहिंसा का मार्ग दिखाया है – रामलाल जी

हिन्दू संस्कृति ने सदैव विश्व को सत्य, उदारता और अहिंसा का मार्ग दिखाया है – रामलाल जी

कानपुर। कानपुर दक्षिण जिले के माधव नगर स्थित हरदेव नगर (कर्रही) बस्ती में आयोजित ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी ने कहा कि हिन्दू संस्कृति ने सदैव विश्व को सत्य, उदारता और अहिंसा का मार्ग दिखाया है। जब तक हम अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास…

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संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पर आधारित है – डॉ. मोहन भागवत जी

संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पर आधारित है – डॉ. मोहन भागवत जी

गोरखपुर, 15 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत की ओर से तारामंडल स्थित बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पद्धति से ही विकसित हुई है। आज समाज में…

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गुणवत्तापूर्ण समाज से ही राष्ट्र बलशाली बनता है - डॉ. मोहन भागवत जी

गुणवत्तापूर्ण समाज से ही राष्ट्र बलशाली बनता है – डॉ. मोहन भागवत जी

जऊलके (ता. दिंडोरी, जि. नासिक), 10 फरवरी। जऊलके स्थित आर्मस्ट्रांग रोबोटिक्स एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में आयोजित शिक्षा संस्थानों के प्रमुखों से स्नेह संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि “एक संवेदशील मनुष्य के निर्माण की प्रक्रिया में शिक्षा की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण होती है। गुणवत्तापूर्ण समाज…

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धर्म के आचरण से ही मानव जाति का कल्याण संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

धर्म के आचरण से ही मानव जाति का कल्याण संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

चांदवड तहसील के ‘णमोकार’ में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव; विविधता में एकता ही भारत की शक्ति मलसाणे (णमोकार) जिला नासिक, १० फरवरी। मलसाणे (तहसील चांदवड) स्थित ‘णमोकार’ तीर्थक्षेत्र में आयोजित दिगंबर जैन पंथ के अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि “धर्म का मार्ग छोड़कर भौतिकवाद…

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समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

                मुंबई, 07 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित व्याख्यानमाला में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ समाजरूप संगठन खड़ा करना चाहता है। समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन आएगा। नेता–नारा–नीति–पार्टी–अवतार–सरकार–विचार–तत्वज्ञान ये सभी बातें सहायक हैं, समाज इन सभी का मालिक है। इसलिए…

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संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव पर पहुँचाना है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव पर पहुँचाना है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

सिद्धार्थनगर (गोरक्ष), 08 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि भारत वह देश रहा है, जिसने विश्व को अंक ज्ञान, संगीत, शिक्षा और परिवार व्यवस्था का श्रेष्ठ मार्ग दिखाया। दुनिया को इतना सब कुछ देने वाला भारत…

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अधिकारों से पहले कर्तव्य पूर्ति का भाव रखें सभी नागरिक – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

अधिकारों से पहले कर्तव्य पूर्ति का भाव रखें सभी नागरिक – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

नालागढ़, हिमाचल प्रदेश। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त 02 फरवरी को आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने संघ की सौ वर्षों की यात्रा के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन के पञ्च परिवर्तन (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और स्व भाव जागरण) पर…

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समाज संघ की ओर सकारात्मक व विश्वास की दृष्टि से देखता है – डॉ. मोहन भगवत जी

समाज संघ की ओर सकारात्मक व विश्वास की दृष्टि से देखता है – डॉ. मोहन भगवत जी

पुणे, 2 फरवरी 2026। मोतीबाग कार्यालय में ‘समर्थ भारत’ की अद्यतन वेबसाइट के उद्घाटन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर सकारात्मक और विश्वास की दृष्टि से देखता है। यह हमारे लिए अवसर और चुनौती दोनों है। ‘समर्थ भारत’ जैसी सुनियोजित परियोजनाओं…

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स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

प्रो फेसर राजेन्द्र सिंह, जिन्हें दुनिया आदर से ‘रज्जू भैया’ कहती है, का जीवन इस बात का ज्वलन्त प्रमाण है कि सच्बा बड़प्पन पद या प्रतिष्ठा में नहीं, बल्कि स्वभाव की सरलता में निहित होता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक जैसे सर्वोच्च और प्रभावशाली पद पर आसीन होने के बावजूद, रज्जू भैया का जीवन…

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भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा - भय्याजी जोशी

भारत को समझने के लिए संस्कृत भाषा को भी समझना होगा – भय्याजी जोशी

पुणे, 22 जनवरी 2026। संस्कृत भारती पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत की ओर से आयोजित 10 संस्कृत पुस्तकों के लोकार्पण कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत में कोई भी भाषा संस्कृत के बिना नहीं है। इसलिए, भारतीय दर्शन, विज्ञान, विचार और जीवन मूल्यों को समझने के लिए…

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